
Year-old railway foot overbridge, poor life threats
बीना. रेलवे स्टेशन पर चार नंबर प्लेटफॉर्म से तीन नंबर प्लेटफॉर्म तक जाने वाला फुट ओवरब्रिज जर्जर हो चुका है। जिसके कारण वहां से निकलने वाले यात्रियों को हमेशा ही जान का खतरा बना रहता है, लेकिन फिर भी इस फुट ओबरब्रिज का मेंटेनेंस नहीं किया गया है न ही इसकी चौड़ाई बढ़ाई गई है, जबकि इस ओवरब्रिज पर लगातार यात्रियों का दबाव बढ़ता जा रहा है। फुट ओवरब्रिज के नीचे से लोहे की सरिया दिखने लगी हैं। जंगाल लगी जालियां भी पूरी तरह से जर्जर हो चुकी हैं, जिससे लोगों का दबाव पडऩे के बाद पुल टूट भी सकता है। जहां एक ओर रेलवे सुविधाओं में विस्तार करने का दम भरती है तो वहीं दूसरी ओर लोगों की सुरक्षा के प्रति बड़ी लापरवाही दिखा रही है। यदि समय रहते इसमें सुधार नहीं किया गया तो निश्चित रुप से बड़ी घटना होने से इंकार नहीं किया जा सकता है। गौरतलब है कि 29 सितम्बर 2017 को मुंबई में जर्जर ओवरब्रिज बजन ज्यादा होने के कारण ढह गया था जिसमें कई लोगों को जान भी गई थी, जिसके बाद तत्कालीन रेलमंत्री सुरेश प्रभु को इस्तीफा तक देना पड़ा था, लेकिन इसके बाद भी बीना जैसे बड़े जंक्शन पर इस प्रकार की लापरवाही कहीं न कही खतरनाक साबित हो सकती है।
शहर से जुडऩे पर बढ़ा और ज्यादा दबाव
कुछ दिनों पहले तक रेलवे स्टेशन पर लाल पुल पश्चिमी कॉलोनी तक जाता था, लेकिन उसे तोड़कर जो नया पुल बनाया गया है उसे प्लेटफॉर्म के ही फुटओवर ब्रिज से जोड़ दिया गया है। इसके बाद यात्रियों के साथ पश्चिमी कॉलोनी के लोगों का भी आना-जाना बढ़ गया है।
त्यौहारों पर रहता है ज्यादा खतरा
त्यौहारों पर रेलवे स्टेशन से बड़ी संख्या में यात्री यात्रा करते हैं। यदि एफओबी पर टे्रन आने के समय ज्यादा लोग निकलते हैं तो एफओबी हिलने भी लगता है। यहां चौड़ाई कम होने के कारण लोगों का काफी देर तक पुल पर ही लोगों के निकलने का इंतजार करना पड़ता है।
फैक्ट फाइल
50 मीटर लंबा है एफओबी
3.5 मीटर चौड़ा है एफओबी
150 से ज्यादा यात्री टे्रनें आती है रोजना
20 हजार से ज्यादा यात्री करते हैं यात्रा
इनका कहना है
यह बीना का मामला है इसकी मुझे जानकारी नहीं है, लेकिन यदि ऐसा कुछ है तो स्टेशन प्रबंधक से जानकारी लेकर व्यवस्थाएं दुरुस्त की जाएंगी।
आइए सिद्दकी, पीआरओ, भोपाल
Published on:
25 Jan 2019 09:00 am
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