समस्तीपुर। शहर का थानेश्वर मंदिर बुधवार को फूलों से सजा था...आरती और घंटियों की आवास से पूरा माहौल भक्तिमय हो रहा था। दूल्हा-दूल्हन भी शादी की वेशभूषा में आ चुके थे। पंडित ने फेरे शुरू करने के लिए दूल्हा-दुल्हन को खड़ा किया ही था कि अचानक दूल्हा बेहोश हो गया। इसके बाद तो मंदिर में मानो कोई आफत ही आ गई।
शहनाई की गूंज कब शोर में तब्दील हो गई किसी की समझ में नहीं आया। दरअसल शादी की पूरी तैयारी के बाद अचानक
दूल्हे ने शादी से इनकार कर दिया। इस घटना से दुल्हन के परिजन भौचक्के रह गए। एक तरफ दुल्हन के परिजन दूल्हे पर
शादी नहीं करने को लेकर बहाना बनाने का आरोप लगा रहे थे, तो वहीं दूसरी तरफ दूल्हे की मां ने जबरदस्ती शादी करवाने
का आरोप लगा कर मंदिर परिसर में हंगामा शुरू कर दिया।
मंदिर के पंडा ने जरूरी समझते हुए घटना की जानकारी नगर थाना पुलिस को दे दी। जिसके बाद पहुंचे सेक्टर जवानों ने पहले तो दूल्हा पक्ष के लोगों को समझाने का प्रयास किया, जब वे नहीं समझे तो सभी को थाने पर लाया गया। जहां मामले का खुलासा हुआ।
क्या है मामला
मोहनपुर निवासी मोती दास का पुत्र विनोद अपनी प्रेमिका के साथ बुधवार को थानेश्वर मंदिर में शादी करने पहुंचा था। बता दें कि दोनों के बीच पिछले 6 महिने से प्रेम-संबंध चल रहा था। जिसके आधार पर लड़की के परिजनों ने पहले तो शादी से इंकार किया, इसके बाद वे मान गए और मंदिर में शादी करवाने कि लिए पहुंचे। जहां विनोद के परिजन भी सूचना मिलने पर पहुंच गए। अचानक मां-बाप पर नजर पड़ते ही दूल्हे ने शादी से इनकार कर दिया और बेहोश होने का स्वांग रचने लगा।
वहीं दुल्हन एवं उसकी भाभी का कहना था कि पिछले छह महीने से दानों के बीच प्रेम-प्रसंग चल रहा था। लड़की कुछ महीने
पूर्व मोहनपुर अपने एक संबंधी के यहां गयी थी, वहीं विनोद के साथ उसकी पहली मुलाकात हुई। दोनों एक-दूसरे को प्यार करते थे, इसलिए लड़की के परिजन राजी हो गए। इसके बाद वह शादी से मुकर गया।
मामले में दूल्हे के पिता का कहना है कि उसके पुत्र को लड़की वालों ने जबरदस्ती शादी के लिए पकड़ लिया था। उसने अपने
पुत्र की शादी के लिए दूसरे जगह लड़की देख रखी है। वहीं लड़का कुछ भी नहीं बोल रहा था। पुलिस दोनों पक्षों को सामाजिक
स्तर पर समझाने का प्रयास कर रही है। इस मामले में समाचार प्रेषण तक किसी पक्ष ने पुलिस से लिखित शिकायत नहीं की है।