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आचार्य प्रमोद कृष्णम और कांग्रेस का 39 साल पुराना साथ छूटा, प्रियंका गांधी के करीबियों में होती थी गिनती

Sambhal News: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और प्रियंका गांधी के करीबियों में शामिल आचार्य प्रमोद कृष्णम का कांग्रेस से साथ छूट गया। कई महीने से कांग्रेस छोड़ने की अटकलों पर शनिवार को विराम लग गया है।

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सम्भल

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Mohd Danish

Feb 11, 2024

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Acharya Pramod Krishnam Latest News: वरिष्ठ नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम और कांग्रेस का 39 साल पुराना साथ छूट गया है। प्रमोद कृष्णम की प्रियंका गांधी के करीबियों में गिनती होती थी। प्रमोद कृष्णम 1993 में कांग्रेस से संभल विधानसभा के लिए दावेदार थे। आचार्य प्रमोद कृष्णम वर्ष 2014 में संभल लोकसभा और वर्ष 2019 में लखनऊ से लोकसभा चुनाव कांग्रेस के टिकट पर लड़े थे।

भाजपा के साथ पारी की नई शुरूआत हो सकती है
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व प्रियंका गांधी के करीबियों में शामिल आचार्य प्रमोद कृष्णम का कांग्रेस से साथ छूट गया। कई महीने से कांग्रेस छोड़ने की अटकलों पर भी शनिवार को विराम लग गया है। उनकी अब भाजपा के साथ राजनीतिक पारी की नई शुरूआत हो सकती है। हालांकि अभी तक भाजपा में जाने की बात पर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने स्पष्ट नहीं किया है, लेकिन अब उम्मीद है कि वह खुलकर सामने आ सकते हैं। छात्र जीवन से ही कांग्रेस का दामन आचार्य प्रमोद कृष्णम ने पकड़ लिया था। 1993 में संभल विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ने के लिए नामांकन भी किया था। लेकिन किसी कारण नामांकन वापस लेना पड़ा था।

1985 से शुरू की राजनीति
फिर संभल के कौसर खां को कांग्रेस ने टिकट दिया था। जिसमें आचार्य प्रमोद कृष्णम ने चुनाव लड़ाया था। हालांकि कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा था। भाजपा के प्रत्याशी सत्यप्रकाश गुप्ता को जीत मिली थी। कहा जाता है कि कांग्रेस की सक्रिय राजनीति तो 1985 के बाद ही आचार्य ने शुरू कर दी थी।

यूथ कांग्रेस में भी निभाई जिम्मेदारी
यूथ कांग्रेस में भी जिम्मेदारी निभाई थी। वर्ष 2014 में संभल लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस ने प्रत्याशी बनाया था। वर्ष 2019 में लखनऊ से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़े थे। प्रियंका गांधी के करीबियों में शामिल होने की चर्चा रहती थी। पिछले कुछ समय से कांग्रेस की नीतियों का काफी विरोध कर रहे थे। इसको ही कांग्रेस कमेटी ने अनुशासनहीनता माना है। अब शिलान्यास में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शामिल होना और भाजपा के तमाम बड़े नेताओं से मुलाकात कर शिलान्यास का न्यौता देना भी कांग्रेस से दूरी बनाने का संकेत आचार्य प्रमोद कृष्णम दे चुके थे।

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