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46 साल बाद खुले मंदिर की होगी कार्बन डेटिंग, रहस्यों से उठेगा पर्दा

Sambhal: संभल में मौजूद शिव मंदिर कितने साल पुराना है, इसका पता लगाने के लिए कार्बन डेटिंग का सहारा लिया जाएगा। डीएम ने इस मामले में ASI को लेटर लिखा है।

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Sambhal: उत्तर प्रदेश के संभल में मिले प्राचीन शिव मंदिर और उसके परिसर में मिले कुएं की कार्बन डेटिंग कराई जाएगी। कार्बन डेटिंग की सहायता से यह पता लगाया जाएगा कि यह मंदिर कितने साल पुराना है और परिसर में मौजूद कुआं कब बनाया गया था। इसके लिए डीएम डॉ. राजेंद्र पेंसिया ने भारतीय पुरातत्व विभाग (एएसआई) को पत्र लिखा है।

डीएम ने एएसआई को लिखा पत्र

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, डीएम डॉ. राजेंद्र पेंसिया ने बताया कि उन्होंने शिव मंदिर और कुएं की कार्बन डेटिंग कराने के लिए एएसआई को पत्र भेज दिया गया है। अब सिर्फ टीम के संभल पहुंचने का इंतजार है। उनका कहना है कि स्थानीय लोगों ने बताया कि यह शिव मंदिर काफी पुराना है। कुएं की बनावट से पता चलता है कि यह दशकों पुराना है। कार्बन डेटिंग के बाद आगे की कार्रवाई करेंगे।

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46 वर्ष बाद खुले मंदिर में दर्शन के लिए उमड़ी भीड़

संभल में 46 साल बाद खुले शिव मंदिर में दर्शन और पूजा के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। एक तरफ मंदिर और हनुमान जी की मूर्ति की सफाई की गई। वहीं, दूसरी तरफ महिलाओं ने मंदिर में भजन-कीर्तन गाया। स्थानीय लोगों के मुताबिक, यह मंदिर दशकों पुराना है। 1978 में हुए दंगे के बाद जब कोई यहां रहने के लिए तैयार नहीं हुआ तो मंदिर को बंद कर दिया है।