
संभल में झोलाछाप की लापरवाही ने छीनी मासूम की जान (Image - Freepik)
Child Death Sambhal: संभल जनपद में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां झोलाछाप डॉक्टर की लापरवाही ने तीन साल के मासूम की जिंदगी छीन ली। बुखार जैसी सामान्य बीमारी के इलाज के लिए बच्चे को अस्पताल ले जाया गया था, लेकिन गलत इंजेक्शन लगाए जाने के बाद उसकी हालत बिगड़ती चली गई और आखिरकार उसकी मौत हो गई। इस घटना ने इलाके में अवैध चिकित्सकों के खिलाफ सवाल खड़े कर दिए हैं।
यह घटना थाना कैलादेवी क्षेत्र के गांव सौंधन मोहम्मदपुर की है। गुरुवार शाम करीब 5:30 बजे करनपुर कायस्थ निवासी संजय उर्फ नन्हे अपने तीन वर्षीय इकलौते बेटे मोहित को लेकर गांव के ही झोलाछाप डॉक्टर अनिकेत के क्लिनिक पहुंचे थे। परिवार को उम्मीद थी कि मामूली बुखार का इलाज हो जाएगा, लेकिन उन्हें यह नहीं पता था कि यह फैसला उनके लिए जिंदगी का सबसे बड़ा दर्द बन जाएगा।
डॉक्टर अनिकेत ने बच्चे का परीक्षण करने के बाद उसे एक इंजेक्शन लगाया। थोड़ी देर बाद जब हालत में सुधार नहीं हुआ, तो उसने दूसरा इंजेक्शन लगा दिया। दूसरा इंजेक्शन लगते ही बच्चे की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। बच्चे की हालत बिगड़ती देख डॉक्टर ने जिम्मेदारी से बचते हुए परिजनों को उसे कहीं और दिखाने की सलाह दे दी।
घबराए पिता संजय तुरंत अपने बेटे को लेकर संभल के एक निजी अस्पताल पहुंचे, लेकिन वहां के डॉक्टरों ने बच्चे को भर्ती करने से इनकार कर दिया और वापस भेज दिया। शाम करीब 7 बजे जब पिता दोबारा उसी क्लिनिक पहुंचे, तो वहां का नजारा और भी चौंकाने वाला था डॉक्टर अनिकेत क्लिनिक छोड़कर फरार हो चुका था। इलाज के अभाव में मासूम की मौत हो गई।
तीन साल के बेटे की मौत से परिवार पूरी तरह टूट गया है। पिता संजय और मां अनीता का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में इस घटना के बाद मातम का माहौल है। इकलौते बेटे की मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है और गांव के लोग भी इस घटना से आक्रोशित हैं।
घटना की जानकारी मिलते ही थाना प्रभारी जितेंद्र कुमार वर्मा पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और परिजनों को उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। थाना प्रभारी ने बताया कि शिकायत के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है और आरोपी डॉक्टर की तलाश जारी है।
मृतक बच्चे के पिता संजय ने बताया कि वह नोएडा में टेंपो चलाकर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। वह कुछ दिनों के लिए गांव आए हुए थे, तभी उनके बेटे को बुखार आया। उन्होंने स्थानीय डॉक्टर पर भरोसा किया, लेकिन उसी भरोसे ने उनके बेटे की जान ले ली। अब परिवार न्याय की मांग कर रहा है और दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई चाहता है।
Published on:
02 Apr 2026 11:18 pm
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