11 अप्रैल 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

संभल जमीन विवाद: जामा मस्जिद के पास अवैध निर्माण पर प्रशासन को मिली हरी झंडी, 18 दुकानों पर गिर सकती है गाज

Sambhal News: संभल में जामा मस्जिद के पास कब्रिस्तान की जमीन पर बने अवैध दुकानों और मकानों को हटाने का रास्ता अब साफ हो गया है। सिविल कोर्ट द्वारा स्टे हटाए जाने के बाद प्रशासन को बड़ी कार्रवाई की अनुमति मिल गई है।

2 min read
Google source verification

सम्भल

image

Mohd Danish

Apr 11, 2026

sambhal kabristan court stay removed action

18 दुकानों पर गिर सकती है गाज..

Court Stay Removed Action: यूपी के संभल में जामा मस्जिद के ठीक बराबर स्थित कब्रिस्तान की जमीन पर लंबे समय से चल रहे अवैध निर्माण का मामला अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। आरोप है कि इस जमीन पर दुकानों और मकानों का निर्माण कर कब्जा किया गया था, जिसे लेकर प्रशासन और स्थानीय स्तर पर लगातार शिकायतें सामने आती रही थीं।

शिकायत के बाद शुरू हुई प्रशासनिक जांच

इस पूरे मामले की शुरुआत उस समय हुई जब एडवोकेट सुभाष चंद्र त्यागी ने जिला प्रशासन को पत्र लिखकर कब्रिस्तान की भूमि पर हो रहे अवैध कब्जे की शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद प्रशासन ने करीब 26 राजस्व अधिकारियों की टीम गठित कर 30 दिसंबर 2025 को मौके पर विस्तृत पैमाइश कराई। जांच में यह बात सामने आई कि जमीन पर 18 से अधिक दुकानें और मकान बनाए गए हैं।

हाईकोर्ट से लेकर सिविल कोर्ट तक पहुंचा मामला

पैमाइश के बाद तहसीलदार कोर्ट ने संबंधित कब्जेदारों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। इसके खिलाफ कब्जेदारों ने पहले हाईकोर्ट का रुख किया, लेकिन वहां से उन्हें कोई राहत नहीं मिली और उन्हें तहसीलदार के समक्ष अपना पक्ष रखने को कहा गया। इसके बाद जनवरी में 15 लोगों ने संभल सिविल कोर्ट में याचिका दायर की, जिसमें प्रशासनिक अधिकारियों को प्रतिवादी बनाया गया।

सिविल कोर्ट ने स्टे हटाया

सिविल कोर्ट ने फरवरी में सुनवाई पूरी होने तक प्रशासनिक कार्रवाई पर रोक (स्टे) लगा दी थी। मार्च में दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मामला सुरक्षित रख लिया गया था। अब 10 अप्रैल को सिविल जज ललित कुमार ने उस स्टे को हटाने का आदेश दे दिया है, जिससे प्रशासन को कार्रवाई की खुली छूट मिल गई है।

18 दुकानों और मकानों पर कार्रवाई

स्टे हटने के बाद अब तहसीलदार कोर्ट से अंतिम आदेश जारी होने की प्रतीक्षा है, जिसके बाद प्रशासन अवैध निर्माण हटाने की प्रक्रिया शुरू कर सकता है। अधिवक्ता नलिन जैन के अनुसार, कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि अब इस मामले में कोई स्थगन आदेश लागू नहीं है, जिससे कब्रिस्तान की जमीन पर बने 18 दुकानों और मकानों पर बड़ी कार्रवाई संभव है।

प्रशासन ने बढ़ाई सतर्कता

कोर्ट का स्टे हटने के बाद इलाके में हलचल बढ़ गई है और स्थानीय लोगों के बीच तनाव का माहौल देखा जा रहा है। संभावित कार्रवाई को देखते हुए प्रशासन ने क्षेत्र में सुरक्षा और निगरानी बढ़ा दी है। अधिकारियों का कहना है कि अंतिम आदेश मिलते ही कानून व्यवस्था बनाए रखते हुए अवैध निर्माण हटाने की प्रक्रिया पूरी तरह नियमों के अनुसार की जाएगी, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।