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किसानों को मुफ्त दी जाएगी खसरा-खतौनी : जानिए कैसे

मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फे्रंसिंग में कहा, 15 अगस्त से शुरू होगा अभियान

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Suresh Kumar Mishra

Jul 11, 2017

satna news

Farmers will be given free Khasra-Khatoni


सतना। मुख्यमंत्री ने राजस्व और ऊर्जा विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान कहा कि खसरा-खतौनी को लेकर जिलों से काफी शिकायतें आ रही हैं। 40 रुपए तक किसानों से वसूले जा रहे हैं। चक्कर अलग से लगाने पड़ रहे हैं। इसलिए कलेक्टर किसानों को खसरा-खतौनी की नकलें नि:शुल्क घर-घर जाकर देने के अभियान की कार्ययोजना तैयार करें। यह अभियान 15 अगस्त से शुरू होगा।

जिले के संबंध में बताया गया कि यहां 15 लाख रुपये की कार्ययोजना तैयार है। दीनदयाल अंत्योदय समिति के समन्वय से जिलेभर में घर-घर जाकर खसरा खतौनी बांटी जाएगी। इस वीसी में कलेक्टर नरेश पाल, अपर कलेक्टर शुचिस्मिता सक्सेना सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

भ्रमण में किसानों से लूंगा जानकारी : सीएम ने कहा, अब मैं भ्रमण पर गांव जाऊंगा तो किसानों से यह पूछूंगा कि किसे खसरा खतौनी नहीं मिला है। सीमांकन, नामांतरण की जानकारी भी ली जाएगी। यदि शिकायत मिली तो कार्रवाई होगी।

25 सितंबर से पट्टा वितरण अभियान : सीएम ने कहा, आवासहीन गरीब परिवारों को पट्टे देने के लिये बनाये गये अधिनियम के तहत आबादी भूमि का चिन्हांकन कर घोषित करने की कार्रवाई करें। प्रत्येक आवासहीन को आवास उपलब्ध कराने के अभियान 25 सितम्बर के बाद शुरू होगा।

कलेक्टर-कमिश्नर पर भी जुर्माना
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, ऐसी व्यवस्था बनाएं ताकि जनता को परेशानी नहीं हो। लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत इनकी सेवाएं समय पर दी जा रही हैं, इसकी मॉनीटरिंग कलेक्टर करें। यदि इसमें लापरवाही की गई तो कलेक्टर-कमिश्नर पर भी जुर्माना लगाया जाएगा। कलेक्टर एक सप्ताह में जानकारी भेंजे कि उनके जिले में राजस्व संबंधी प्रकरण समय-सीमा में निराकरण नहीं करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध क्या कार्रवाई की गयी है। जमीन अधिग्रहण मुआवजे के प्रकरण यदि लंबित हैं तो उसका तत्काल निराकरण करें।


डायवर्सन के सर्वाधिक मामले सतना के
बैठक में जानकारी दी गई कि दो वर्ष से ज्यादा समय से लंबित डायवर्सन के सर्वाधिक प्रकरण सतना जिले में है। इनकी संख्या 87 है। इस मामले में पीएस ने कहा कि यह काफी महत्वपूर्ण मामला है। यदि इस पर सही तरीके से काम कर लिया जाए तो एक हजार से 12 सौ करोड़ रुपये सरकारी खजाने में आ सकते हैं।


सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाएं
सीएम ने कहा कि राजस्व अमला सरकारी जमीनों के अतिक्रमण हटाने में गंभीरता से ध्यान दें। जिले में 2 वर्ष से अधिक के लंबित अतिक्रमणों की संख्या 235 बताई गई।


बंद करे बिजली कंपनी अपनी मनमानी
ऊर्जा विभाग की समीक्षा में सीएम काफी तल्ख दिखे। उन्होंने कहा कि ऐसा कोई जिला नहीं है जहां से बिजली को लेकर शिकायतें नहीं आ रही हैं। हालत यह हैं कि किसान दुकान से 5 एचपी का मोटर लाता है बिजली विभाग 7 एचपी का बिल भेजता है। एवरेज बिल के नाम पर वसूली हो रही है। यह सब बंद कर दो।72 घंटे के अंदर खराब ट्रांसफार्मर बदलो। विद्युत आपूर्ति की लगातार मॉनीटरिंग की जाये, कहीं भी अघोषित विद्युत कटौती नहीं हो।

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