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पुणे में मजदूरी कर रहा था फरार डकैत, गिरफ्तार

डकैत ठोकिया गैंग का सक्रिय सदस्य रहा दस्यु शिवमूरत कोल पुणे में मजदूरी करते हत्थे चढ़ा है। मप्र और उप्र से 65 हजार रुपए का इनामी शिवमूरत 12 साथियों के साथ बांदा में पेशी के बाद पुलिस अभिरक्षा से भाग निकला था।

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Gwalior Online

Apr 19, 2015

Tokia Gang

Tokia Gang

सतना। कभी दुर्दांत डकैत ठोकिया गैंग का सक्रिय सदस्य रहा दस्यु शिवमूरत कोल पुणे में मजदूरी करते यूपी एसटीएफ के हत्थे चढ़ा है। मप्र और उप्र से 65 हजार रुपए का इनामी शिवमूरत 12 साथियों के साथ बांदा में पेशी के बाद पुलिस अभिरक्षा से भाग निकला था। तब से उसकी तलाश जारी थी।

यूपी एसटीएफ सीओ प्रवीण सिंह के मुताबिक, मारकुंडी थाना क्षेत्र के बगरहा में रहने वाला डकैत शिवमूरत कोल अंबिका पटेल उर्फ ठोकिया के गैंग में शामिल था। 11 मई 2011 को शिवमूरत गिरफ्तार किया गया और फिर उसे जेल हो गई। 8 अगस्त 2012 को शिवमूरत, चुन्नी पटेल, मेहमान समेत 13 मुल्जिम पेशी के लिए बांदा की अदालत भेजे गए थे। कोर्ट से लौटते समय आरोपियों ने पुलिस गार्ड पर हमला किया और रायफल लूटकर भाग निकले थे। पुलिस अभिरक्षा से फरार होने के बाद शिवमूरत बलखडि़या गैंग के संपर्क में गया और फिर बचने की जुगत में पुणे चला गया।

बदल लिया था नाम

डकैत शिवमूरत ने पुणे में अपना नाम अजय मिस्त्री रख लिया था। एसटीएफ को खबर लगी तो घेराबंदी कर पुणे के हड़पकर थाना क्षेत्र के गांधी चौक से फरार डकैत शिवमूरत को गिरफ्तार कर लिया गया। दस्यु दल में रहते हुए शिवमूरत बेहद शातिर बदमाश माना जाता था। सतना जिले के धारकुंडी थाना क्षेत्र में भी शिवमूरत के खिलाफ अपराध कायम है। दोनों राज्यों में करीब पांच मामले दर्ज हैं। एसपी चित्रकूट पवन कुमार का कहना है कि शिवमूरत पर 12 हजार रुपए का इनाम था, जिसे बढ़ाकर 50 हजार रुपए करने के लिए प्रतिवेदन भेजा गया था। वहीं, मप्र से गिरफ्तारी के लिए 15 हजार रुपए का इनाम है।