यूपी एसटीएफ सीओ प्रवीण सिंह के मुताबिक, मारकुंडी थाना क्षेत्र के बगरहा में रहने वाला डकैत शिवमूरत कोल अंबिका पटेल उर्फ ठोकिया के गैंग में शामिल था। 11 मई 2011 को शिवमूरत गिरफ्तार किया गया और फिर उसे जेल हो गई। 8 अगस्त 2012 को शिवमूरत, चुन्नी पटेल, मेहमान समेत 13 मुल्जिम पेशी के लिए बांदा की अदालत भेजे गए थे। कोर्ट से लौटते समय आरोपियों ने पुलिस गार्ड पर हमला किया और रायफल लूटकर भाग निकले थे। पुलिस अभिरक्षा से फरार होने के बाद शिवमूरत बलखडि़या गैंग के संपर्क में गया और फिर बचने की जुगत में पुणे चला गया।