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सतना। इत्र ( itra) एक ऐसा सुगंधित पदार्थ होता है जिसका इस्तेमाल प्राचीनकाल से होता आया है और जिसके इस्तेमाल के कई धार्मिक, मनोवैज्ञानिक ( Psychologist ) और सामाजिक महत्व भी है। खासकर हिन्दू, जैन और बौद्ध धर्म में सुगंध का बहुत महत्व माना गया है। वह इसलिए कि सात्विक अन्न से शरीर पुष्ट होता है तो सुगंध से सूक्ष्म शरीर। यह शरीर पंच कोष वाला है।
जड़, प्राण, मन, विज्ञान और आनंद। जिसमे खुशबूओं के आधार पर तंत्र में वशीकरण को संभव माना गया है। इत्र की विशेषताओं के आधार पर उन से न सिर्फ इंसान बल्कि, पारलौकिक शक्तियों व देवी-देवताओं को भी आकर्षित व वशीभूत किया जा सकता है। आइए जानते हैं इत्र से जुड़े कुछ साधारण उपयोग व उनसे होने वाले फायदों के बारे में।
इस तरह करें उपयोग
1- यदि कोई स्त्री लाल सिंदूर, इत्र की शीशी, चने की दाल और केसर का दान करें तो इस उपाय से उस स्त्री के पति की आयु में वृद्धि होती है।
2- सफेद कपड़े पहनकर किसी भी देव स्थल पर लाल गुलाबी या चमेली का इत्र अर्पित करें। प्रेम विवाह में आ रही बाधाएं दूर होंगी।
3- यदि आपको अचानक धन से जुड़ा नुकसान हो रहा हो, तो सात शुक्रवार को सात सुहागिनों को अपनी पत्नी के माध्यम से लाल वस्तु उपहार में दें और इस उपहार में इत्र जरूर रखें, तुरंत लाभ होगा।
4- यदि आप अपने ऑफिस के लोगों पर प्रभाव डालना चाहते है तो मोगरा, रातरानी या चंदन इत्र का इस्तेमाल करें। सभी आपसे खुश रहेंगे।
5- अपने साथ भूरे रंग के पर्स में किन्ही भी चार नोटों पर चंदन का इत्र लगाकर रखें। इन्हें खर्च न करें और बरकत के रूप में संभाल कर रखें। पर्स हमेशा पैसों से भरा रहेगा।
6- शुक्ल पक्ष के किसी शुक्रवार को माता लक्ष्मी को इत्र व श्रृंगार की वस्तुएं भेंट करें। इस उपाय से पति और पत्नी के बीच प्रेम बढ़ेगा और घर में धन व समृद्धि भी बरकरार रहेगी।
7- मंदिर में चंदन, कपूर, चंपा, गुलाब, केवड़ा, केसर और चमेली के इत्र अर्पित करने व उसे लगाने से देवी और देवता प्रसन्न होते हैं।
8- यदि आपका जन्म बुधवार या बुध नक्षत्र को हुआ है तो बुधवार को चमेली का तेल या चमेली के इत्र को पीपल के पेड़ पर छिड़के। इससे इस नक्षत्र के लोगों को निश्चत रूप से लाभ मिलेगा।
9- पूजन के समय तेज सुगंध और इत्र का प्रयोग करें। तेज इत्र का प्रयोग करने से लक्ष्मी की कृपा तुरंत प्राप्त होती है और घर में धन संबंधी कभी समस्याएं उत्पन्न नहीं होती।
10- शुक्र को जगाने के लिए आचरण की शुद्धि अत्यंत आवश्यक है। शुक्ल पक्ष के शुक्रवार को माता लक्ष्मी को इत्र एवं श्रृंगार की वस्तुएं भेट करें। इस उपाय से पति पत्नीं के बीच जहां प्रेम बढ़ेगा वहीं घर में धन एवं समृद्धि भी बरकरार रहेगी।
Updated on:
30 Aug 2019 05:40 pm
Published on:
30 Aug 2019 05:40 pm
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