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बघेलखंड और बुंदेलखंड में सिनेमा के लिए संभावनाएं बहुत, 17 से खजुराहो फिल्म फेस्टिवल

पत्रिका से चर्चा में बोले- फिल्म एक्टर राजा बुंदेला, सिनेमा को बचाने में आगे आना होगा स्थानीय घरानों को

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सतना

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Rajiv Jain

Dec 15, 2017

raja bundela in patrika office satna

raja bundela in patrika office satna

सतना. बघेलखंड और बुंदेलखंड में सिनेमा के लिए बहुत संभावना है। पन्ना, खजुराहो व चित्रकूट में कई ऐसे स्थान हैं जहां फिल्म शूट की जा सकती है। क्षेत्र में विषय-वस्तु भी पर्याप्त हैंं। झांसी, ओरछा, पन्ना, रीवा के राजघराने, ऐतिहासिक, पर्यटन, धार्मिक ऐसे कई बिंदू हैं जिस पर फिल्म बन सकती है। यह बात फिल्म एक्टर राजा बुंदेला ने पत्रिका गेस्ट के रूप में कही। राजा गुरुवार शाम पत्रिका कार्यालय पहुंचे। यहां फिल्म व स्थानीय विषय-वस्तु पर खुलकर बात की। एक्टर बुंदेला ने कहा, बड़े घरानों को आगे आना पड़ेगा। उनकी मदद से भोजपुरी, बंगाल, साउथ, पंजाब की तरह ही बघेलखंड व बुंदेलखंड का सिनेमा भी स्थापित हो सकता है। आज जहां भोजपुरी सिनेमा है वहां तक पहुंचने में 100 साल लग गए। हमारे यहां सतत प्रयास नहीं हुए। अगर ऐसा होता है तो निश्चित ही अन्य क्षेत्र की तरह हमारे सिनेमा को पहचान मिल सकती है।

कनेक्टिविटी समस्या
बघेलखंड व बुंदेलखंड में फिल्म शूट करने के लिए लोकेशन बहुत हैं। लेकिन, कनेक्टिविटी की समस्या है। फ्लाइट रूट है नहीं। आज के समय में एक कैमरामैन व टेक्नीशियन भी फ्लाइट में चलता है। ऐसे में पूरी टीम के साथ बघेलखंड और बुंदेलखंड के किसी लोकेशन पर पहुंचना आसान नहीं होता। अगर, कोशिश भी करें तो किराया ही बहुत हो जाता है। समय अलग से बर्बाद होता है। इसलिए फिल्म स्टार को ला पाना चुनौती है।

फुहड़ सिनेमा से विश्वास खोया
बघेलखंड और बुंदेलखंड में फिल्म बनाने के नाम कुछ लोग फूहड़ सिनेमा बनाते हैं। द्विअर्थी शब्दों का उपयोग करते हैं। ऐसे में गंभीर दर्शक फिल्म से दूर होता है। फिर कोई गंभीर मुद्दे पर भी फिल्म बनती है तो लोग परिवार के साथ फिल्म देखने नहीं जाते। किसी भी सिनेमा को फूहड़ता के बल पर स्थापित नहीं किया जा सकता।

एक व्यक्ति से कुछ नहीं होगा
बतौर बुंदेला, सिनेमा उद्योग में बड़े पैमाने पर पूंजी लगती है। अगर स्थानीय फिल्म भी बनती है तो १५-२० करोड़ की पूंजी लगती है। ऐसे में एक ही व्यक्ति बार-बार फिल्म नहीं बना सकता। कई बड़े घरानों को आगे आना होगा। इससे स्थानीय सिनेमा संघर्ष कर सकता है और एक समय ऐसा भी आएगा कि अपना स्थापित सिनेमा होगा।

IMAGE CREDIT: sajal Gupta

खजुराहो फिल्म महोत्सव की जान होगी टपरा टॉकिज
खजुराहो फिल्म महोत्सव 17 दिसंबर से शुरू होने जा रहा है। सात दिवसीय आयोजन में राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय फिल्मों के साथ-साथ स्थानीय फिल्मों को दिखाया जाएगा। बघेलखंड व बुंदेलखंड की फिल्म को भी स्थान दिया जाएगा। पूरे महोत्सव की जान टपरा टॉकिज होगी। चार विषयों के मद्देनजर फिल्मों की प्रस्तुति होगी। इस संबंध में अभिनेता राजा बुंदेला ने बताया कि महिला सशक्तिकरण, देश के रक्षा से जुड़े जवान, किसान व देश का सुनहरा आज और कल विषय को शामिल किया गया है। इसका आयोजन तीन साल पहले शुरू हुआ था। पहला महोत्सव तीन दिन का था। दूसरा पांच दिवसीय था। अब 7 दिवसीय आयोजन होगा। इस बार आयोजन तीन शहर पन्ना, खजुराहो व छतरपुर में एक साथ होगा।

फिल्म स्टार होंगे आकर्षण
इसमें भाग लेने के लिए बड़े फिल्म स्टार भी खजुराहो पहुंचने वाले हैं। मनमोहन शेट्टी, प्रेम चोपड़ा, गोविंद निहलानी जैसे लोग शिरकत करेंगे। कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान हिस्सा लेंगे।

IMAGE CREDIT: sajal gupta

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