3 फ़रवरी 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

चित्रकूट की लक्ष्मण पहाड़ी में रोप-वे शुरू, क्या है उस पहाड़ी का इतिहास, कितना है किराया..

मैहर के बाद चित्रकूट में भी रोप-वे शुरू, तीर्थयात्रियों की सुविधा में विकास, पीपीपी मॉडल पर विकसित किया गया

2 min read
Google source verification

सतना

image

Suresh Mishra

Mar 24, 2019

Lakshman Pahari ka kya hai itihas lakshman pahadi kaha par hai

Lakshman Pahari ka kya hai itihas lakshman pahadi kaha par hai

सतना। मैहर के बाद चित्रकूट के लक्ष्मण पहाड़ी पर भी रोप-वे शुरू कर दिया गया है। करीब एक सप्ताह के ट्रायल मोड के पूरा होने के बाद आम तीर्थयात्रियों के लिए रोप-वे को चालू कर दिया है। आचार संहिता लागू होने के कारण उद्घाटन और प्रचार-प्रसार पर जोर नहीं दिया। दरअसल, लक्ष्मण पहाड़ी पर जाने के लिए तीर्थयात्रियों को करीब 400 सीढिय़ां चढ़कर जाना होता था।

लंबे समय से रोप-वे सेवा की मांग की जा रही थी। जिस पर अमल करते हुए 15 करोड़ रुपए की लागत से पीपीपी मॉडल से रोप-वे का निर्माण उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग की ओर से कराया गया है। इस रोप-वे में तीर्थयात्रियों को लक्ष्मण पहाड़ी पर ले जाने के लिए छह ट्राली लगाई हैं, जिसमें तीन ट्रॉली ऊपर जाएंगी और तीन नीचे आएंगी। एक ट्रॉली में छह लोग यानी एक बार में 18 लोग सफर करेंगे।

सिर्फ दो मिनट में पहुंचेंगे
लक्ष्मण पहाड़ी के ऊपर पहुंचने के लिए 264 मीटर ऊंचा रोप-वे तैयार किया गया है। पहले लोगों को पहाड़ी में ऊपर पहुंचने के लिए करीब चार सौ सीढ़ी चढऩा पड़ता था, जिसमें 15 से 20 मिनट लगते थे। लेकिन अब रोप-वे से सिर्फ 2 मिनट में पहाड़ी की चोटी में पहुंच जाएंगे।

नवंबर में मांगी थी अनुमति
लक्ष्मण पहाड़ी के लिए रोप-वे नवंबर में ही बन कर तैयार हो गया था। जिसकी टेस्ंिटग पूरी होने के बाद उप्र शासन को रिपोर्ट भेज कर चालू करने की अनुमति मांगी गई। करीब चार माह बाद चालू करने की अनुमति मिल सकी।

75 रुपए होगा किराया
चित्रकूट रोप-वे कंपनी के निदेशक आलोक शर्मा बताते हैं कि रोप-वे में आने जाने का किराया शासन की ओर से 75 रुपए निर्धारित किया गया है। साथ ही पांच साल से छोटे बच्चे का 40 रुपए किराया लिया जाएगा। साथ यदि कोई एक तरफ से सफर करना चाहेगा तो उससे भी 40 रुपए ही लिए जाएंगे।

Story Loader