
Mahamattya celebrated 400th birth anniversary of Pranath
सतना। महामति प्राणनाथ का 400 वां प्रागट्य महोत्सव प्रणामी मंदिरों में सुबह 11 बजे धूमधाम के साथ मनाया गया। सुबह मंगलआरती के साथ प्रभाती का गायन हुआ। महामति के अमृत वचनों का मंदिर में गायन हुआ। महामति के अमृत संदेशों को जन - जन तक पहुंचाने के लिए भक्तों ने संकल्प लिया। सुबह प्रणामी मंदिर से प्रभात फेरी निकाली गई। मंदिर महंत स्वामी परमानंद महाराज ने बताया कि महामति प्राणनाथ का आज 400 वां प्रगट्न महोत्सव विश्व में मनाया जा रहा है। ज्ञात हो कि विश्व को एक सूत्र में बांधने के लिए महामति की वाणी को जन-जन को जानने की जरुरत है। प्रेम की व्याख्या करते हुए उन्होने कहा कि प्रेम खोले सब द्वार , तुम सेवा से पाओगे पार। की व्याख्या करते हुए बताया कि हमें जीवन में प्रेम को धारण करने की जरुरत है। जन्मोत्सव के बाद दीनेश पुजारी ने वाणी का गायन भक्ति भाव के साथ किया गया। समाज के भजन गायव व गायिकाओं ने भजनों का गायन किया गया।
प्रभात फेरी का हुआ स्वागत
प्रभात फेरी का अग्रसेन चौक में हिन्दूपर्व समन्वय समिति ने भव्य स्वागत किया। इस मौके पर घनश्याम सोनी, बलराम शुक्ला, इंजी. राकेश रैकवार, विभाष बनर्जी आदि लोक शामिल रहे। प्रधानडाक घर के सामने लायंस क्लब अध्यक्ष पवन मलिक, विनोद जायसवाल, धर्मेन्द्रसेन, जसवंदर सिह भाटिया, रामअवतार त्रिपाठी आदि मौजूद रहे। इसी प्रकार कौमी एकता कमेटी के विजय रिझवानी नें अपने साथियों के साथ रथ यात्रा का फूल माला से स्वागत किया गया। इसी प्रकार वैश्य महासम्मेलन से हरिओम गुप्ता ने अपने साथियों के साथ रथ यात्रा का स्वागत किया गया।
घर-घर दीप जले, फूटे पटाखे
महामति प्राणनाथ जन्मोत्सव को लेकर प्रणामी धर्म के सभी घरों को रात में दीपों से सजाया गया था। घरों में पटाखे फोड़कर, दीपक जलाकर खुशियां मनाई गयी। समाज के प्रबुध्दजनों नें भंडारे के बाद गरीबों को भंडारे का प्रसाद का वितरण किया गया।
निजानंद प्रश्नोत्तरी स्पर्धा खुशहाली ने जीती
प्रणामी मंदिरो में जन्मोत्सव के बाद महंत स्वामी परमानंद महाराज द्वारा निजानंद प्रश्नोत्तरी स्पर्धा के विजयी प्रतिभागियों की घोषणा कर उन्हे मोमेंटो व प्रमाण पत्र से सम्मानित किया गया। निजानंद प्रश्नोत्तरी स्पर्धा खुशहाली शर्मा व शोभा शर्मा ने जीती कर अपने कुल का नाम रोशन किया। शोभा शर्मा ने खुशहाली को प्रथम इनाम देने का प्रस्ताव रख कर कहा कि आने वाले युवाओं को धर्म के काम में आगे आकर सहयोग करना चाहिए। तृतीय स्थान दिनेश पुजारी ने प्राप्त किया। परमानंद महाराज ने प्रतियोगियों व विजयी तीनों सदस्यों का सम्मान किया गया।
Published on:
9 Oct 2018, 6:57 PM IST
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