
MP News: मध्यप्रदेश के सतना जिले से एक बड़ा मामला सामने आया है। जहां दलित महिला सरपंच को ग्राम सभा की बैठक में बैठने के लिए कुर्सी नहीं दी गई। कुर्सी मांगने पर उसे घर से कुर्सी लाने को कहा गया। इस मामले को लेकर पीसीसी अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी मध्यप्रदेश सरकार पर कई सवाल खड़े किए हैं।
यह पूरा मामला रामपुर बाघेलान की अकौना पंचायत का है। जहां सरपंच श्रद्धा सिंह ने पंचायत मंत्री को पत्र लिखकर शिकायत की है। उन्होंने बताया है कि स्वतंत्रता दिवस के मौके पर उपसरपंच और सचिव के द्वारा ध्वजारोहण नहीं करने दिया गया।
सरपंच श्रद्धा सिंह ने आरोप लगाया है कि 17 अगस्त को ग्राम सभा की बैठक के दौरान कुर्सी मांगने के दौरान उपसरपंच धर्मेंद्र बघेल और सचिव ने कुर्सी देने से मना कर दिया। उनका कहना था कि अगर कुर्सी चाहिए तो अपने घर से लेकर आओ, नहीं तो जमीन पर बैठ जाओ या खड़े रहो।
कांग्रेस ने एक्स पर ट्वीट करते हुए लिखा है कि मध्य प्रदेश के सतना में एक दलित महिला सरपंच को ग्राम सभा में बैठने के लिए कुर्सी नहीं दी गई। कुर्सी मांगने पर कहा गया कि कुर्सी घर से लेकर आओ, नहीं तो जमीन पर बैठ जाओ। इससे पहले भी महिला सरपंच को दलित होने की वजह से झंडा फहराने से रोका गया था। ये मामला बेहद गंभीर है, इसमें दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
बीजेपी के जंगलराज में दलितों और आदिवासियों के अपमान और अत्याचार की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। ऐसी घटनाएं मोदी सरकार की 'दलित विरोधी' मानसिकता का सबूत हैं, जहां उनके अधिकार छीने जाते हैं और आवाज उठाने पर उनका स्वाभिमान कुचला जाता है। साफ है- मोदी सरकार में दलित और आदिवासी समाज सुरक्षा, समानता और सम्मान के लिए संघर्ष करने को मजबूर है।
Updated on:
27 Aug 2024 03:36 pm
Published on:
26 Aug 2024 06:40 pm
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