
national truckers strike: enters 4th day gets mixed response in satna
सतना। ट्रकों की देशव्यापी हड़ताल का असर दिखने लगा है। लगातार चौथे दिन ट्रकों की हड़ताल जारी रही। रविवार और सोमवार को विश्वासराव सब्जी मंडी और गल्ला मंडी में बाहर के ट्रक नहीं आए। पुराने स्टॉक से माल की आपूर्ति स्थानीय बाजार में की गई। अगर यही रहा तो हड़ताल का असर मंगलवार से आम लोगों की जेब पर दिखने लगेगा। व्यापारियों के अनुसार, अगर हड़ताल जारी रहती है तो अगले 3 दिन में स्टॉक खत्म हो जाएगा। माल शॉर्ट होने पर दाम बढ़ सकते हैं। खासतौर से फल और सब्जियों के दम में अधिक वृद्धि की संभावना है।
दूसरे राज्यों में गाडिय़ों की तोडफ़ोड़ की खबरें सुनकर हाइवे किनारे ट्रक खड़े हो गए हैं। हाइवे पर ट्रैफिक न के बराबर रह गया है। रविवार को शहर के ट्रांसपोर्ट नगर में 1000 ट्रक खड़े हो गए। ट्रक ऑपरेटर्स ने मंडी, व्यापारी व उद्योगपतियों से समर्थन मांगा कि हड़ताल के दौरान गाडिय़ों में माल लोड न किया जाए। हड़ताल के पर्चे भी चिपकाए। हाइवे से जो गाडिय़ां गुजर रही थीं, उन्हें भी रोका गया और न चलाने की समझाइश दी गई। ट्रांसपोर्ट नगर से भी गाड़ी लोड नहीं होने दी।
प्रभावित होगा सीमेंट उद्योग
जिले की पहचान सीमेंट नगरी के रूप में भी है। देश का 12 फीसदी सीमेंट जिले में उत्पादित होता है। अभी ट्रक हड़ताल का असर नहीं दिख रहा है। लेकिन, हड़ताल ज्यादा दिन चलती है, तो सप्लाई चैन टूट जाएगी। फिलहाल ट्रेन रूट के माध्यम से सप्लाई को जारी रखा गया है।
यहां पड़ेगा असर
- वर्तमान में कर्नाटक से टमाटर की सप्लाई की जा रही है। अगर, ट्रक नहीं आते तो टमाटर के भाव आसमान छू सकते हैं। पत्ता गोभी, शिमला मिर्च, अदरक सहित अन्य सब्जियां भी शहर में नहीं पहुंच पा रही हैं। तीन दिन में दामों पर असर दिख सकता है। बाजार पूरी तरह स्थानीय सब्जियों पर निर्भर हो जाएगा।
- गल्ला मंडी में 20 जुलाई को गाडिय़ां अनलोड हुई हैं लेकिन अब आने की उम्मीद नहीं है। क्योंकि दूसरे राज्यों में तोडफ़ोड़ होने से वहीं रुक गई हैं।
- किराने के सामान की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है, क्योंकि यह सामान दूसरे राज्यों से आता है।
बड़ी गाडिय़ां मंडी में नहीं आई हैं। फल सहित आलू, प्याज व टमाटर स्टॉक में था। उससे शहर में सप्लाई हुई है। गाडिय़ां नहीं आईं तो आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।
जय कुमार झुलवानी, फल व्यापारी, सतना
बाजार में पांच दिन का स्टॉक मौजूद है। अगर हड़ताल जारी रही तो किराने की आपूर्ति प्रभावित होने से दाम बढ़ सकते हैं।
राकेश अग्रवाल, किराना व्यापारी
हम नहीं चाहते कि व्यवस्था बिगड़े। ट्रांसपोर्टर की मजबूरी है। काफी समय से मांग कर रहे थे। सरकार ने अनसुना किया, लिहाजा ये स्थिति निर्मित हुई है।
पवन मलिक, ट्रांसपोर्टर
Published on:
23 Jul 2018 12:46 pm

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