
Satna Flood: Mandakini river Flood in chitrakoot satna
सतना। जिले में हो रही लगातार बारिश का असर नदी-नालों में दिखाई देने लगा है। चित्रकूट की मंदाकिनी नदी में मंगलवार देर शाम तक रामघाट की सीढिय़ों से नीचे पानी था। बुधवार सुबह होते-होते घाट का बड़ा हिस्सा डूब गया। पानी दुकानों तक पहुंचने लगा। इसी बीच आधा दर्जन पर्यटक नदी की धारा में फंस गए तो एक साधु बह गया।
सूचना मिलने पर पुलिस व होमगार्ड की टीम मौके पर पहुंची। रेस्क्यू कर दोनों को रस्सी की मदद से सुरक्षित बाहर निकाला। मंदाकिनी का जलस्तर बढऩे के बाद स्थानीय प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। आसपास के रहवासियों को नदी से दूर रहने की सलाह दी गई है। रामघाट की दुकानों को खाली करा दिया गया है। नदी के जलस्तर की लगातार मॉनीटरिंग की जा रही है।
अफरा-तफरी का माहौल बन गया
बताया जाता है कि बुधवार सुबह लगभग 10 बजे अचानक मंदाकिनी नदी का जलस्तर तेजी से बढऩे लगा। देखते ही देखते अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस दौरान सिरसावन, जानकीकुंड, प्रमोदवन व आरोग्यधाम के घाटों पर सुबह से सैकड़ों पर्यटक व स्थानीय लोग मौजूद थे। पानी अचानक बढ़ते देख लोग किनारे की ओर भागने लगे। कई स्थानों पर पर्यटक बीच पानी में फंस गए।
मल्लाह ने हिम्मत दिखाई
इसी दौरान रघुवीर मंदिर के पास विनोद आश्रम के एक साधु विजय दास नदी की धारा में फंस गए और पांव फिसलने से नदी की धारा में बहने लगे। यह देखते ही साधु को बचाने के लिए किनारे पर खड़े लोग चिल्लाने लगे। तभी एक मल्लाह ने हिम्मत दिखाई और नदी की धारा के बीच साधु के पास जाकर पकड़ा। फिर रस्सी से बांधकर किसी तरह घाट किनारे पहुंचाया गया।
लखनऊ के 6 तीर्थयात्री नदी के बीच में फंस गए
उधर, आरोग्यधाम के पास कानपुर व लखनऊ के छह तीर्थयात्री नदी के बीच में फंस गए। सभी एक पेड़ की आड़ में खड़े होकर मोबाइल से परिजनों को जानकारी देकर मदद की गुहार लगाने लगे। स्थानीय व तीर्थयात्रियों के साथ आए कुछ लोगों ने हिम्मत दिखाकर लगभग एक घंटे में सभी को सुरक्षित बचा लिया। इसके अलावा रामघाट का नजारा भी पूरी तरह जलमग्न दिखा।
हर तरफ पानी ही पानी
मंदाकिनी नदी बुधवार सुबह से ही उफान पर है। रामघाट में भगवान मतगजेंद्रनाथ की सीढिय़ों तक पानी पहुंच गया है। सिरसा वन, प्रमोद वन व जानकीकुंड तक तेज धारा से नदी बह रही है।
Published on:
22 Aug 2019 12:27 pm

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