
Satna MP raised the issue of cement companies in the Lok Sabha
सतना/ सांसद गणेश सिंह ने सीमेंट फैक्ट्रियों पर जिले की बेशकीमती जमीनों पर कब्जा करने का आरोप लगाया। मामले को लोकसभा में उठाते हुए जांच की मांग की। कहा है कि जिन कामों के लिये यह जमीनें ली गई हैं उसका सही उपयोग हो रहा है या नहीं इसकी जांच की जाए। लोकसभा में नियम 377 के मामला उठाते हुए सांसद गणेश सिंह ने सदन को बताया कि लीज के नाम पर सीमेंट कंपनियों ने बेशकीमती जमीनों पर कब्जा कर रखा है।
सांसद ने कहा कि लोकसभा क्षेत्र सतना में विभिन्न सीमेंट कंपनियों को स्थापना के लिए जितनी जमीन लीज में दी गई है, उसमें व्यापक पैमाने पर जमीनें अनुपयोगी पड़ी हैं और कंपनियां इस पर कब्जा बनाए बैठी हैं। इन जमीनों को कंपनियों से वापस लिया जाना चाहिए।
हजारों एकड़ जमीन को लीज पर दिया था
सांसद ने बताया कि बिरला जूट एण्ड मैन्यूफैक्चर कंपनी सीमेन्ट डिपो को 99 साल के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने 1956 में हजारों एकड़ जमीन को लीज पर दिया था। भारत सरकार के 2013 में बनाए गए भू-अर्जन कानून के तहत जिस जमीन का अभी तक निर्धारित उद्देश्य से उपयोग नहीं किया गया तो वह जमीन वापस ली जा सकती है।
उठाया किसानों की बर्बादी का मुद्दा
लोकसभा में शून्यकाल में सांसद ने प्रदेश सहित जिले के पीडि़त किसानों के मुद्दे को उठाते हुए कहा कि देश का किसान लगातार प्राकृतिक आपदा से जूझ रहा है। अतिवृष्टि से मूंग, सोयाबीन तथा तिल की फसलों को भारी नुकसान हुआ है। कन्डो बीमारी लगने से धान की फसलों को भारी नुकसान हुआ है।
शहर की जमीन दबा कर बैठी है बिरला सीमेंट
सदन को सांसद गणेश सिंह ने बताया कि सतना जिले में बिरला सीमेन्ट ने सीमेन्ट प्लांट काफी पहले लगा लिया है। उसके लिए आवास, अस्पताल, खेल मैदान, बाजार आदि सब बना लिया। बाकी जमीन में मात्र बाउण्ड्री बनाकर जबरन कब्जा कर रखा है। सांसद सिंह ने कहा कि सतना शहर स्मार्ट सिटी योजना में शामिल है और उसके लिए सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए तथा शासकीय भवन आदि बनाने के लिए जमीन की जरूरत पड़ती रहती है। सांसद ने मांग की है कि जिस उद्योग के लिए कंपनी को जमीन लीज पर दी गई थी, उसकी जांच करा ली जाए तथा शेष अनुपयोगी खाली पड़ी जमीन वापस ली जाए।
Published on:
20 Nov 2019 05:19 pm

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