सीधी। बाइक की टक्कर से साइकिल सवार की मौत से गुस्साए परिजनों ने सड़क पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया।
गुस्सा बिफर पड़ा, शव को अस्पताल तिराहे पर रखकर चक्काम शुरू कर दिए। अंतत: पुलिस की समझाइस के बाद करीब आधा घंटे बाद आंदोलन समाप्त कर शव लेकर परिजन घर के लिए रवाना हुए। वह आरोपी की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े हुए थे। अस्पताल चौराहे पर इस विरोध प्रदर्शन के चलते करीब आधे घंटे आवागमन ठप सा हो गया था। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को समझाइश देकर शव अंतिम संस्कार के लिए भिजवाया।
सिटी कोतवाली अंतर्गत मड़वा गांव निवासी रामसजीवन पिता शोभनाथ वर्मा (५५) साइकिल से रिश्तेदार के निधन पर अंतिम संस्कार में शामिल होने 3 जुलाई को जा रहे थे। समरदह नाले के पास सामने से आ रही बाइक एमपी ५३ एमएच ७६५७ का चालक रामकृपाल पिता रामसुमिरन यादव ने टक्कर मार दी। इस हादसे में दोनों लोग घायल हो गए। उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। साइकिल सवार रामसजीवन की हालत गंभीर होने पर रीवा रेफर कर दिया गया था, जहां उपचार के दौरान शुक्रवार तड़के 4 बजे मौत हो गई।
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आधा घंटे तक चला चक्काजाम आंदोलन-
मेडिकल कॉलेज रीवा में निधन व पोस्टमार्टम के बाद शव सीधी लाया गया। यहां परिजनों ने आरोपी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर अस्पताल तिराहा के पास शव को सडक़ पर रखकर चक्काजाम आंदोलन शुरू कर दिए। पुलिस को सूचना मिलने पर स्थल पर पहुंची और समझाइस देने लगी कि आरोपी के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध कर लिया गया है। जिसके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। अब यदि तुम लोग चक्काजाम करोगे तो तुम्हारे खिलाफ भी अपराध पंजीवद्ध हो जाएगा। करीब आधा घंटे की समझाइश के बाद आंदोलनकारी आंदोलन समाप्त कर शव को लेकर घर के लिए रवाना हुए।
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