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sidhi: खुले आसमान तले 42 डिग्री तापमान में थोक सब्जी व फ ल का कारोबार

बेहाल कारोबारी, स्वास्थ्य पर पड़ रहा प्रतिकूल प्रभाव-सूख कर प्रतिदिन खराब हो रही हजारों रुपये की सब्जियां-निर्धारित समय सीमा के वर्षभर बाद भी नहीं पूरा हो पाया थोक सब्जी मंडी का निर्माण-व्यापारियों ने सुनाया दर्द, उड़ती डस्ट व कड़ी धूप में हाल बेहाल-कोरोना काल से शुरू हुई थोक फ ल-सब्जी मंडी की बदहाल व्यवस्था अब भी बरकरार-जोरौंधा में 145.46 लाख की लागत से हो रहा नवीन थोक सब्जी व फल मंडी का निर्माण

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सीधी। शहर के थोक सब्जी व फल व्यापारी इस भीषण गर्मी के मौसम में खुले आसमान तले 42 डिग्री सेल्सियस तापमान में कारोबार करने को मजबूर है। उड़ती डस्ट व कड़ी धूप में लगातार व्यापार करने से कारोबारियों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। इधर नवीन थोक सब्जी व फल मंडी का निर्माण तीन माह में पूरा किये जाने के संबंधी प्रशासनिक दावे की हवा निकल चुकी है। एक साल का समय पूरा होने के बाद भी अभी तक निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाया है।
बताते चलें कि कोरोना संक्रमणकाल के शुरूआती दौर से व्यवस्थित ठौर की तलाश कर रहे थोक सब्जी व फल मंडी व्यापारियों को अभी भी बदहाल व्यवस्था के बीच कारोबार करना पड़ रहा है। बीते वर्ष मई माह में करीब 11 दिनों तक व्यापार बंद आंदोलन करने के बाद तत्कालीन कलेक्टर की पहल पर जोरौंधा गांव मेें आनन-फानन में स्वीकृत की गई थोक सब्जी व फल मंडी का निर्माण कार्य अभी तक पूरा नहीं हो पाया है, जबकि जिम्मेदारों द्वारा दावा किया गया था की तीन माह में ही यानि बारिश के पूर्व थोक फल व सब्जी मंडी तैयार कर संचालित कर दी जाएगी। लेकिन निर्माण कार्य पूरा नहीं होने से अभी भी थोक व्यापारियों को बदहाल व्यवस्था के बीच बायपास मार्ग के किनारे संचालित अस्थाई थोक फल व सब्जी मंडी में ही कारोबार करना पड़ रहा है।
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तीन साल से परेशान हैं कारोबारी-
थोक सब्जी व फल व्यापारी बीत तीन साल से परेशान हैं। कोरोना संक्रमण काल के पूर्व तक थोक सब्जी व फल मंडी का संचालन शहर के बीचोबीच संजीवनी पालिका बाजार में होता था। कोरोना संक्रमण का दौर आया तो, भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए कुछ दिनों के लिए थोक सब्जी व फल मंडी का संचालन गांधी चौक स्थित पाॢकंग स्थल में कराया गया, इसके बाद छत्रसाल स्टेडियम में और फिर बाद में संजय गांधी कॉलेज ग्राउंड में थोक सब्जी व फल मंडी का संचालन शुरू किया गया, जहां करीब डेढ़ वर्ष तक संचालन होता रहा, लेकिन यहां छांव, पेयजल व शौंचालय आदि की सुविधा न होने से व्यापारी परेशान थे। बारिश के मौसम में तो पूरा ग्राउंड कीचड़ से सन जाता था। इस समस्या को दूर करने एवं व्यापारियों के आंदोलन प्रदर्शन के बाद बायपास मड़रिया में अस्थाई रूप से थोक सब्जी व फल मंडी का स्थान निर्धारित किया गया, लेकिन यहां बुनियादी सुविधाएं न होने से व्यापारियों ने आंदोलन शुरू कर दिया था, और करीब एक सप्ताह तक थोक सब्जी व फल की दुकानें बंद रहीं, जिसके बाद नवीन स्थल जोरौंधा में थोक सब्जी व फल मंडी निर्माण का आश्वासन प्रशासन के द्वारा दिया गया था, जिस पर व्यापारियों ने आंदोलन समाप्त किया था।
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नवीन स्थल में ये हो रहे निर्माण कार्य-
जोरौंधा गांव में नवीन थोक सब्जी व फल मंडी के लिए चिन्हित किये गए स्थल में करीब साढ़े तीन एकड़ शासकीय भूमि है। जिसमें से अभी फिलहाल 145.86 लाख की लागत से 80 बाई 80 मीटर क्षेत्र में छायादार चार नग चबूतरों का निर्माण किया जा रहा है। इसके साथ ही बिजली, पेयजल व शौंचालय के साथ ही पार्किंग स्थल विकसित किया जा रहा है ताकि व्यापारियों को वाहन खड़ा करने में दिक्कत न हो। बाद में उक्त स्थल पर दुकानों के निर्माण की भी कार्य योजना है।
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दावों की निकली हवा, अभी माह भर का लग जाएगा समय-
प्रशासन द्वारा गत वर्ष मई माह के अंतिम सप्ताह में थोक सब्जी व फल मंडी का भूमिपूजन सीधी विधायक केदारनाथ शुक्ल के हाथो कराया गया था। कार्यक्रम में जिम्मेदार अधिकारियों ने दावा किया था की आगामी तीन माह में मंडी का निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा, ताकि व्यापारियों को परेशानी न हो। लेकिन मंथर गति से कार्य चलने के कारण अभी तक निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाया है। नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारियों का दावा है की इसी माह में ही शेष बचा कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
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अस्थाई थोक मंडी में नहीं है बुनियादी सुविधाएं-
शहर के बाईपास में संचालित थोक सब्जी व फल मंडी में न छाव की व्यवस्था है और न ही किसी तरह की बुनियादी सुविधाएं, जिससे व्यापारियों को यहां काफी परेशान होना पड़ रहा है। उड़ती डस्ट व कड़ी धूप में व्यापारियों का दम निकल रहा है। लेकिन जिम्मेदारों द्वारा इनकी पीड़ा नहीं देखी जा रही है।
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प्रतिदिन खराब हो रही हजारों की सब्जियां-
अस्थाई थोक सब्जी मंडी में छांव आदि की सुविधा न होने से प्रतिदिन व्यापारियों की हजारों रुपये की सब्जियां धूप में सूखकर खराब हो रही है। व्यापारियों को लगातार नुकसान हो रहा है। प्रतिदिन बची हुई सब्जियां भी रखने के लिए मंडी में कोई इंतजाम नहीं हैं।
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व्यापारियों ने सुनाया दर्द-
…..अस्थाई थोक मंडी में बुनियादी सुविधाओं का अभाव है, जिससे व्यापारियों को काफी परेशान होना पड़ता है। नवीन मंडी का निर्माण अभी पूरा नहीं हो पाया है। इस माह काम पूरा करने का आश्वासन दिया जा रहा है।
अमित गुप्ता, जिलाध्यक्ष सब्जी फल मंडी एसोशिएशन
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…..लगातार कड़ी धूप व डस्ट के बीच व्यापार करने से स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। व्यापारी बीमार हो रहे हैं। यहां किसी प्रकार का इंतजाम नहीं है। दो घंटे यहां बैठकर प्रशासनिक अधिकारी बिताएं तो समस्या समझ में आ जाएगी।
संजय शुक्ला, व्यापारी
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……एक साल से अधिक समय अस्थाई मंडी में व्यापार करते हो गया। यहां सब्जियों का प्रतिदिन नुकसान हो रहा है। कड़ी धूप में सब्जियां सूख कर खराब हो जाती हैं। पानी तक का पर्याप्त इंतजाम नहीं है।
मोह.इलियास खान, व्यापारी
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…….यहां तो असुविधा है ही, नवीन मंडी के परिसर में कचरा पाटकर ऊपर से मिट्टी डाल दी गई है। बारिश के पहले वहां चले भी गए तो परिसर में कीचड़ हो जाएगा। वाहन उसमें फसेंगे जिससे परेशानी बनी रहेेगी।
बेटई खान, व्यापारी
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…….प्रशासन द्वारा आश्वासन दिया जाता है, लेकिन सुविधाएं मुहैया नहीं कराई जा रही हैं। कहा जा रहा है कि अस्थाई मंडी में सुविधाएं इसलिए विकसित नहीं की जा रही हैं कि नवीन मंडी का निर्माण हो रहा है।
मुन्नू जायसवाल, व्यापारी
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…….यहां नगर पालिका द्वारा व्यापारियों से टैक्स तो लिया जाता है, लेकिन न तो परिसर में सफाई की जाती है और न ही पानी की सिंचाई कराई जाती, जिससे धूल न उड़े। हमारी परेशानी देखने वाला कोई नहीं।
गौरव खत्री, व्यापारी
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इस माह में पूरा हो जाएगा कार्य-
नवीन थोक फल व सब्जी मंडी का निर्माण कार्य बारिश की वजह से प्रभावित हुआ था, अब कार्य अंतिम चरण में है। केवल सडक़ का निर्माण बाकी है। इस माह कार्य पूरा हो जाएगा और मंडी शिफ्ट हो जाएगी।
बीके तिवारी, उपयंत्री नपा सीधी
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