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sidhi: मुर्गियों में फैली महामारी, आदिवासी परिवारों के आजीविका पर संकट

पखवाड़े भर में एक सैकड़ा से अधिक मुर्गियों की मौत, लगातार मुर्गियों की मौत से पालक परेशान-मझौली नगर परिषद क्षेत्र का मामला

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sidhi: Epidemic spread in chickens, crisis on livelihood of tribal fam

sidhi: Epidemic spread in chickens, crisis on livelihood of tribal fam

मझौली। मझौली नगर परिषद क्षेत्र में इन दिनों मुर्गियों मेें फैली बीमारी से मुर्गी पालक परिवार परेशान हैं। एक पखवाड़े के अंदर करीब एक सैकड़ा मुर्गियों की असमय मौत हो चुकी है। मुर्गियों की मौत का सिलसिला खतम नहीं हो रहा है। इधर पशु चिकित्सा विभाग द्वारा बीमारी का पता लगाने व मौत का सिलसिला रोकने किसी तरह के प्रयास नहीं किये जा रहे हैं, और न ही मझौली पशु अस्पताल में मुर्गियों के बीमारी संबंधी किसी प्रकार की आवश्यक दवाएं ही उपलब्ध हैं।
बताया गया कि एक पखवाड़े पूर्व से मुर्गियों में अज्ञात बीमारी का प्रकोप है। लगातार इसका संक्रमण बढ़ता जा रहा है। मुर्गी पालक इस बात को लेकर भी परेशान हैं कि कहीं मुर्गियों के इस बीमारी का संक्रमण उन पर भी न फैल जाए। कुछ मुर्गी पालकों द्वारा पशु चिकित्सा विभाग में इसकी शिकायत भी की जा चुकी हैं, लेकिन विभागीय अधिकारियों अब तक कोई आवश्यक कदम नहीं उठाये गए हैं।
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लगातार फैल रहा संक्रमण-
मुर्गी पालकों की माने तो मुर्गियों में फैली अज्ञात बीमारी का संक्रमण लगातार बढ़ता जा रहा है। पहले नगर परिषद मझौली के वार्ड क्रमांक-10 में मुर्गियों का बीमारी की चपेट में आने से मौत का सिलसिला शुरू हुआ, लेकिन अब वार्ड क्रमांक-12 में भी कई मुर्गियां व चूजे संक्रमित होने से असमय काल केे गाल में समा गए।
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आजीविका पर संकट-
नगर परिषद मझौली के वार्ड क्रमांक-10 एवं 12 में निवासरत कोल परिवार के लोगों ने बताया कि वह छोटे स्तर पर मुर्गी पालन का व्यवसाय करते हैं, इसी से उनका जीविको पार्जन चलता है। उनके पास 50 से 100 मुर्गियां रहती हैं। लेकिन जिस तेजी के साथ मुर्गियों में संक्रमण फैल रहा है, और मुर्गियों की मौत हो रही है उससे उनकी आजीविका पर भी खतरा मंडरा रहा है।
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मुर्गी पालकों ने सुनाया दर्द-
..........मुर्गी पालन हमारे परिवार के जीविका का सहारा है। 8 दिन के अंदर आधे से ज्यादा मुर्गियों की मौत हो गई है, उनकी मौत का सिलसिला अभी जारी है। कोई दवा उपचार सुविधा पशु औषधालय में नहीं मिल रही है।
कुन्नू कोल, मुर्गी पालक वार्ड नं.-12 मझौली
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.........हमारे यहां मुर्गियों में संक्रामक बीमारी फैली हुई है। मेरी बीते सप्ताह भर में मेरी 8-10 मुर्गियों की मौत हो गई है। मुहल्ले के अन्य मुर्गी पालकों की भी मुर्गियां लगातार मर रही हैं। पशु विभाग द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही।
लालमणि कोल, मुर्गी पालक वार्ड नं.-12 मझौली
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........अज्ञात बीमारी के संक्रमण में आने से मेरी एक दर्जन मुर्गियों की मौत हो चुकी है। आजीविका के साधन पर खतरा मंडरा रहा है। संक्रामक बीमारी को रोकने पशु विभाग द्वारा आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए।
ललुआ कोल, मुर्गी पालक वार्ड नं.-10 मझौली
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..........मुर्गियों में बीमारी का संक्रमण बढ़ता ही जा रहा है। मेरी आधा दर्जन मुर्गियां बीमारी के चपेट में आने से असमय मर चुकी हैं। पशु औषधालय मझौली में मुर्गियों के बीमारी की दवाएं नहीं हैं।
मोतीलाल कोल, मुर्गी पालक वार्ड नं.-10 मझौली
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.......मुर्गियों के बीमारी को लेकर दवाएं हर समय उपलब्ध नहीं रहती है। मीटिंग में वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष मामला रखा जाएगा और संक्रमण का पता लगाने की कवायद की जाएगी, इसके बाद रोकथाम के लिए आवश्यक पहल की जाएगी।
जेपी पांडेय, विटनरी सर्जन मझौली
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