1 नवंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

8 दिनों में 5 ट्रैक्टर और एक जेसीबी ने निकाला 120 ट्रॉली मलवा

- कटरा मोहल्ले के 80 परिवारों को 20 सालों बाद मिली राहत
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

सतना

•

image

Suresh Mishra

•

Updated: 8 May 2020, 11:36 PM IST

Unique cleaning done in Maihar Nagar

Unique cleaning done in Maihar Nagar

सतना. मैहर नगर के हृदय स्थल कहे जाने वाले घंटाघर के सामने बबलू टेलर वाली गली से 8 दिनों के अंदर 5 ट्रैक्टर और एक जेसीबी की मदद से 120 ट्रॉली मलवा निकाला गया है। बताया गया कि मकानों के पीछे तरफ करीब 15 फुट चौड़ी एवं करीब 300 फुट लंबा एरिया जिसमें दोनों ओर बने मकानों के निस्तार के लिए पुराने जमाने की नालियां और एक बड़ा नाला बना हुआ था, जो कई सालों से गंदगी से पटा पड़ा था। धीरे-धीरे ये गंदगी विशालकाय पहाड़ में बदल चुकी थी। उस पर उग आई झाडिय़ां और पेड़ पौधे बीच नगर में जंगल की तरह लग रहे थे। इस मोहल्ले में करीब 80 परिवारों का निवास था। यहां के रहवासी इसके चारों तरफ कचरा फेंकते थे। सभी मकानों का पिछला हिस्सा होने से नालियां का गंदा पानी जमा होता था।

बीस सालों से नहीं हुई सफाई बन गया था पहाड़
कचरा फेंकते फेंकते वहां गंदगी इतनी अधिक हो गई है कि कोई अधिकारी वहां जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था। यहां तक कि नालियां भी लगभग चारों ओर से बंद हो गई थी। नाले का अता पता नहीं था और फिर धीरे-धीरे लोगों ने अंदर जाने के रास्तों पर अपना कब्जा जमा लिया। अब बमुश्किल एक सफाई कर्मी ही अंदर जा सकता था। जो नालियों का कचरा बाहर निकालता था लेकिन पहाड़ नुमा मलवे के ढेर के कारण कचरा वापस नालियों में समां जाता था।

दो दशकों से झेल रहे दंश
रहवासियों की मानें तो करीब 20-25 सालों से वहां न तो सफाई हुई है न ही किसी अधिकारी या परिषद ने इसमें कोई रुचि दिखाई। वहां रहने वाले रज्जन अली एवं बाबू खां याद करते हुए बताते हैं कि करीब चार पंचवर्षीय पहले अब्दुल रशीद पार्षद ने यहां सफाई करवाई थी। उसके बाद किसी पार्षद या अधिकारी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया और साल दर साल कचरा बढ़ते बढ़ते पहाड़ बन गया चारों ओर बेजा कब्जे से रास्ते बंद हो गए नालियां जाम हो गई।

सभी के सहयोग से मिली सफलता
वार्ड पार्षद नितिन ताम्रकार ने बताया कि समस्या से निजात दिलाने कई रहवासियों से बात की। उन्हें समझा-बुझाकर उनके बेजा कब्जे को जेसीबी से हटवाया। साथ ही वहां रहने वालों के सहयोग से रास्ता बनाया। जिससे जेसीबी मशीन एवं ट्रैक्टर-ट्राली सहित आ जा सके। लॉकडाउन में पूरी सड़कें खाली थी। जिससे आने जाने में कोई दिक्कत भी नहीं हुई। जिससे आठ दिनों की दिन-रात की मेहनत से 122 ट्राली मलवा निकाल गया।

ऐतिहासिक कार्य हुआ है बीस पच्चीस सालों से कचरा जमा था। पार्षद नितिन ताम्रकार ने काफी प्रयास किए। लॉकडाउन का सदुपयोग किया गया। मलवा साफ हो गया है। अब आगे काम हो सकेगा।
अच्क्षत बुंदेला, सीएमओ

असंभव कार्य को संभव कर दिखाया है हमारी टीम ने। हमारे युवा पार्षद नितिन ताम्रकार के प्रयास काफी सराहनीय रहा। पूरी टीम को बधाई।
धर्मेश घई नपाध्यक्ष

गंदगी का पहाड़ बन गया था। आदम जमाने की नालियां गंदगी से लबालब थी। रहवासी नर्क सी जिंदगी जी रहे थे। जहां एक सफाई कर्मी नहीं घुसता था। वहां सभी के सहयोग से करीब पांच हजार फीट का मैदान बन गया है। मैंने तो अपना कर्तव्य पूरा किया है।
नितिन ताम्रकार, पार्षद वार्ड नं 17.