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वास्तु के अनुसार कैसा होना चाहिए बैठक रूम, ये 10 टिप्स नहीं अपनाएं तो होगा भारी नुकसान

- बैठक रूम होता है घर का सबसे महत्वपूर्ण कमरा - इस रूम में पूरे परिवार वाले होते है एकत्र - वार्ता और गपशप के लिए होता सबसे उत्तम

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vastu tips for living room in hindi living room kya hota hai

vastu tips for living room in hindi living room kya hota hai

सतना/ भारत देश एक ऐसा देश जहां सुबह की शुरुआत सूर्य दर्शन से और शाम, संध्या आरती से होती है। यहां घर की नींव से लेकर गृह प्रवेश तक वास्तु शास्त्र के अनुसार होता है। ऐेसे में जब बैठक रूम या फिर लिविंग रूम की बात हो तो और महत्वता बढ़ जाती है। पंडित मोहन लाल द्विवेदी की मानें तो बैठक रूम एक ऐसा रूम है जिसमे पूरा परिवार एकत्र होता है। इस रूम में बैठकर दिनभर की थकान से लेकर सभी विचार-विमर्श किए जाते है।

वार्ता और गपशप का ये सबसे सटीक रूम होता है। यहीं बैठकर टीवी देखने से लेकर अन्य मनोरंजन के साधन इस्तेमाल किए जाते है। आने वाले कल की भावी योजनाएं भी बैठक रूम से ही निर्धारित होती है। जब कोई मेहमान आता है तो उसको इसी रूम में बैठाया जाता है। बैठक रूम वास्तु के अनुसार होने से कई तरह की परेशानियों से बचा जा सकता है।

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patrika IMAGE CREDIT: patrika

ये है 10 वास्तु टिप्स
1- रूम की दिशा
वास्तु शास्त्र के अनुसार यदि मकान पूर्व या फिर उत्तरमुखी है तो बैठक रूम को पूर्वोत्तर दिशा अर्थात ईशान कोण में होना चाहिए। यदि मकान पश्चिममुखी है तो बैठक रूम को उत्तर-पश्चिम दिशा अर्थात वायव्य कोण में होना चाहिए। यदि मकान दक्षिण मुखी है तो बैठक रूम को दक्षिण-पूर्व दिशा अर्थात आग्नेय कोण में होना चाहिए।

2- रूम का आकार
बताया गया है कि बैठक रूम का आकार वर्गाकार या आयता कार होना चाहिए न कि अंडाकार, गोलाकार या अन्य कोई आकार। हालांकि बैठक रूम के आकार की यदि बात करें तो वर्गाकार और आयता कार सबसे उत्तम माना गया है।

3- दरवाजे की दिशा
बैठक रूम का दरवाजा ईशान या उत्तर में है तो उत्तम, पूर्व, पश्चिम या वायव्य में है तो मध्यम और अन्य दिशा में है तो निम्नतम माना गया है।

4- रूम की खिड़कियां
बैठक रूम में खिड़कियों को बैठक रूम के पूर्व या उत्तर दिशा में होना चाहिए, क्योंकि ये दिशाएं बहुत लाभकारी हैं।

5- रूम का रंग-रोगन
हो सके तो दीवारों का रंग सफेद, हल्के पीले, हल्के नीले या फिर हरे रंग का होना चाहिए। रंग लाल, गहरा नीला या काले रंग का नहीं होना चाहिए। बैठक रूम में खिड़की और दरवाजे के पर्दे मिलते-जुलते रंगों में ही प्रयोग करें। सोफा सेट के कुशन थोड़े अलग रंग के रखें।

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6- रूम का सोफा सेट
यदि दरवाजा पश्चिम में है तो बैठक रूम के नैऋत्य कोण में सोफा सेट लगाएं। यदि दरवाजा उत्तर में है तो नैऋत्य, दक्षिण या पश्चिम में सोफा सेट लगाएं। पूर्व मुखी मकान है तो भी उपरोक्त दिशाओं में ही सोफा सेट लगवाएं। दरअसल, बैठक रूम में उत्तर और ईशान दिशा को छोड़कर कहीं भी सोफा सेट लगाएं।

7- रूम के चित्र
बैठक रूम में हंस की बड़ी-सी तस्वीर लगाएं। जिससे कि अपार धन-समृद्धि की संभावनाएं बढ़ जाएंगी। गृह कलह या वैचारिक मतभेद से बचने के लिए हंसते-मुस्कुराते संयुक्त परिवार का चित्र लगाएं। मेहमान जब आपके स्वागत कक्ष में बैठे तो उस कक्ष को देखकर उसका मन एकदम से प्रसन्न हो जाना चाहिए।

8- परिवार का मुखिया ऐसे बैठे
बैठक रूप में बैठते वक्त मुखिया का मुख या चेहरा द्वारा की ओर होना चाहिए यदि ऐसा नहीं है तो मेहमान आप पर हावी रहेगा और आप मेहमान के समक्ष समर्पण की मुद्रा में ही रहेंगे। इसके और भी कई नुकसान हो सकते हैं।

9- रूम का वातावरण
मौसम के हिसाब से बैठक रूम ठंडा या गर्म रहना चाहिए। यदि आप एक ठंडे क्षेत्रों में रहते हैं और अपने बैठक कक्ष में एक आतिशदान स्थापित करना चाहते हैं तो दक्षिण-पूर्व दिशा चुनना अच्छा है।

10- रूम में लोहा या अटाला
बैठक रूम में भारी लोहे का सामान या अटाला नहीं रखना चाहिए अन्यथा अतिथि को लगेगा कि उसे बोझ समझा जा रहा है। इस अवस्था में मेहमान तनाव महसूस करेगा। रूम सुंदर फूलों से सजा और कम सामान वाला होना चाहिए।