-आशा सहयोगिनियों की मांगे पूरी करने की मांग
सवाईमाधोपुर.शिवाड़ सामुदायिक केन्द्र की आशा सहयोगिनियों ने विभिन्न मांगों को लेकर चिकित्सा प्रभारी को ज्ञापन दिया। ज्ञापन में बताया कि आशा सहयोगिनियों पर पीएमजेवाई व बी बैक फॉर्म को केवाईसी के लिए दबाव बनाया जा रहा है, जबकि आशा सहयोगिनियां कम पढ़ी लिखी है। इनको ना तो मोबाइल की ट्रेनिंग दी गई है और ना कोई मोबाइल डाटा दिया जा रहा है। वहीं कार्य के अनुरूप मानदेय भी नहीं दिया जा रहा है। आशा सहयोगिनियों का कहना है कि यह काम ई-मित्र का है और हमसे कराया जा रहा है। आशा सहयोगिनियों को सरकारी कार्मिक घोषित करने तक 21 हजार रुपए प्रतिमाह मानदेय करने, सेवानिवृत्ति के बाद ग्रेच्यूटी के रूप में पांच लाख रुपए एक मुश्त देकर पांच हजार रुपए पेंशन प्रतिमाह देने सहित कई मांगे पूरी करने की मांग की। ज्ञापन सौंपते समय अनुसूइया शर्मा, सुनिता शर्मा, संतोष मीना, कमलेश गुर्जर, रेखा शर्मा, हेमलता महावर,आंनद कंवर आदि मौजूद रही।
निष्ठापूर्वक तरीके से जिम्मेदारी निभाएं शिक्षा विभाग के अधिकारी
सवाईमाधोपुर. उपखंड क्षेत्र चौथ का बरवाड़ा में शिक्षा विभाग के ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों की बैठक एसडीएम उपेंद्र शर्मा की अध्यक्षता में हुई। बैठक में राजकीय विद्यालयों में संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति पर चर्चा कर समीक्षा की। ब्लॉक रैंकिंग, शाला दर्पण पोर्टल पर अपडेशन, एनीमिया मुक्त भारत के लिए पिंक एवं ब्लू टेबलेट का बालकों के वितरण एवं अपडेशन , राजस्थान में शिक्षा के बढ़ते कदम कार्यक्रम की समीक्षा,आधार कार्ड एवं जन आधार कार्ड दर्ज करने पर चर्चा, एसडीएमसी, एसएमसी नोड्यूल एंट्री, 80जी के तहत रजिस्ट्रेशन, गरिमा पेटी एंट्री प्रक्रिया पर चर्चा की। एसडीएमसी-एसएमसी की 27 अगस्त को आयोजित मासिक बैठक की प्रमाणित रिपोर्ट की समीक्षा, छात्र कोष विकास कोष की 31 अक्टूबर तक की जमा राशि एवं विद्यालय के विकास के कार्य योजना आदि मुद््दों पर चर्चा की। बैठक में विस्तार से समीक्षा कर उपखंड अधिकारी ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को योजनाओं में सुधार लाने के निर्देश दिए। उपखंड अधिकारी ने कहा कि यहां मौजूद शिक्षा विभाग के सभी अधिकारी एवं पीईईओ अपनी जिम्मेदारी निष्ठापूर्वक निभाए। इससे अध्ययन और अध्यापन को सही गति मिले। जमीनी स्तर पर इसका सीधा लाभ स्कूलों में अध्ययनरत बच्चों को मिलना जरूरी है, तभी हमारे कार्य करने का उद्देश्य सार्थक होगा। उन्होंने सभी पीईईओ को समय-समय पर अपने अधीन स्कूलों का निरीक्षण करने पर जोर दिया।