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चम्बल नदी में बढ़ी पानी की आवक: पुलिस ने किया ग्रामीणों को सतर्क, एलर्ट जारी, झरेल बालाजी पुलिया पर 2 फीट की चादर

चम्बल नदी में बढ़ी पानी की आवक: पुलिस ने किया ग्रामीणों को सतर्क, एलर्ट जारी, झरेल बालाजी पुलिया पर 2 फीट की चादर

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Jharel Balaji in sawai madhopur

2 feet sheet on Jharel Balaji culvert

बहरावण्डा खुर्द. कोटा बैराज से पानी छोडऩे के कारण चम्बल नदी उफान पर है। सवाई माधोपुर-खातोली सड़क मार्ग पर झरेल के बालाजी में पानी की आवक से मार्ग बाधित हो गया है। यहां करीब दो फीट की चादर चल रही है। हालांकि पालीघाट पर पानी सामान्य स्तर पर है, जिसके कारण पालीघाट के आस-पास के गांवों में अभी खतरे जैसी कोई आशंका नहीं है। हालांकि प्रशासन ने चम्बल किनारे बसे गांवों में अलर्ट जारी किया है।

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खातोली मार्ग पर झरेल के बालाजी धाम के पास चम्बल ने अलग रूप ले रखा है। पुलिस दल ने नदी किनारे बसे गांवों और झरेल के बालाजी स्थित चम्बल का दौरा किया। वहीं लोगों को पुलिया पार करने से रोका। वहीं नदी के आस-पास नहीं जाने की हिदायत दी।

पुलिस प्रशासन ने किया सचेत
खंडार थानाधिकारी भरत सिंह ने नदी के किनारे बसे गांवों में लोगों को सचेत किया। उन्होंने बताया कि नदी में उफान के चलते शनिवार को क्यारदा खुर्द, सेंवती खुर्द, धर्मपुरी, झरेल के बालाजी, पाली, मीणा खेड़ी व नरवला आदि गांवों का दौरा किया। खातोली मार्ग पर खण्डार थानाधिकारी ने नदी के किनारे नहा रहे लोगों को चेतावनी दी कि चम्बल नदी उफान पर चल है। इसलिए नदी के आस-पास नहीं जाएं। इस दौरान बहरावण्डा खुर्द पुलिस चौकी प्रभारी मुरारीलाल राव, जीतराम चौधरी व चंद्रभान सहित कई जवान मौजूद थे।

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चम्बल में 9.2 मीटर पानी
राजस्थान-मध्यप्रदेश की सीमा पर पाली स्थित केंद्रीय जल आयोग के अनुसार चम्बल में वर्तमान में 9.2 मीटर पानी का स्तर है जो सामान्य स्थिति में है। बारिश से पहले चम्बल में पानी का स्तर 6 मीटर था जो 31 जुलाई को बढ़कर 11 मीटर हो गया था, लेकिन बाद में जलस्तर उतर जाने से शनिवार को इसका गेज 9.2 मीटर रह गया।

20 मीटर पर आता है खतरे का निशान
केंद्रीय जल आयोग कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार पालीघाट स्थित चम्बल नदी में खतरे का निशान करीब 20 मीटर पर माना जाता है। अभी चम्बल करीब 9 मीटर पर है, जिसके चलते अभी खतरे जैसी कोई संभावना नहीं है।

1996 में बही थी खतरे के निशान से ऊपर
विभागीय जानकारी के अनुसार वर्ष 1996 में चम्बल में पानी का स्तर 26.5 मीटर हो गया था, जिसके चलते नदी किनारे बसे कई गांवों को खाली करवा दिया था। उसके बाद से नदी में कभी ऐसी नौबत नहीं आई। इस वर्ष भी अभी तक चम्बल का सबसे ऊंचा स्तर 31 जुलाई को रहा, जब चम्बल में पानी 11 मीटर पहुंच गया था, जबकि 25 जुलाई को पानी का स्तर मात्र 6 मीटर था।

बांधों में बढ़ी पानी की आवक
सवाईमाधोपुर. जिला मुख्यालय पर रविवार शाम को बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिली। शाम को करीब छह बजे बारिश का दौर शुरू हुआ जो रुक-रुक कर साढ़े सात बजे तक जारी रहा। इससे गर्मी से परेशान लोगों को राहत मिली। हालांकि बारिश के थमने के बाद उमस होने से लोगों को परेशानी हुई। वजीरपुर में ग्यारह एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई। बारिश के चलते बांधों में पानी की आवक बढऩे लगी है। मानसरोवर बांध में जल स्तर 26.4 फीट तक पहुंच गया है।

बांधों की स्थिति....
ढील 15.4 फीट
मानसरोवर 26.6 फीट
गिलाईसागर 20.0 फीट
सूरवाल 9.6 फीट
भगवतगढ़ 5.6 फीट
पांचोलास 3.6 फीट
मोरासागर 9.4 फीट
नागतलाई 2.6 फीट

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