22 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अब भारत का यह दोस्त पहुंचा चांद पर, छोटे से इस देश ने हासिल किया बड़ा मुकाम

इजरायल अपने पहले निजी वित्त पोषित अंतरिक्ष यान को फ्लोरिडा से किया लॉन्च 10 करोड़ डॉलर की है परियोजना

2 min read
Google source verification
israel make history and launch first moon mission

अब भारत का यह दोस्त पहुंचा चांद पर, छोटे से इस देश ने हासिल किया बड़ा मुकाम

नई दिल्ली। इजरायल ने शुक्रवार को अपने पहले निजी वित्त पोषित अंतरिक्ष यान को अमरीका के फ्लोरिडा से सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिया। इसके साथ ही वह चंद्रमा की सतह पर उतरने वाला चौथा देश बन गया है। नासा ने कहा कि 'स्पेसएक्स फाल्कॉन 9 रॉकेट' पर लेंडर 'बेयरशीट' को केप कार्निवल एयर फोर्स स्टेशन से गुरुवार शाम 5.45 बजे लांच किया गया। तब शुक्रवार को तेलअवीव में मध्यरात्रि का समय था।

यह भी पढ़ें-गर्भवती महिलाएं इन दो चीजों का भूलकर भी न करें इस्तेमाल, मुसीबत में पड़ सकता है आने वाला बच्चा
यह भी पढ़ें- व्यायाम के तरीके से भी मूड पर पड़ता है असर दिमाग लेता है आनंद

नासा प्रमुख जिम ब्राइडेंस्टाइन ने एक बयान में कहा, "'स्पेसआईएल' और 'इजरायल अंतरिक्ष एजेंसी' को शुभकामनाएं। यह सभी देशों और व्यावसायिक क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक कदम है क्योंकि हम पृथ्वी की निचली कक्षा और चंद्रमा के परे सहयोग बढ़ाने के लिए काम कर रहे हैं।" 10 करोड़ डॉलर की परियोजना 'बेयरशीट' को इजरायल की गैरलाभकारी संस्था और उसके साझेदारों ने विकसित किया था।

यह भी पढ़ें- टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में हुआ ये बड़ा चमत्कार, अब ऑटो पायलट कारें सड़कों पर पकड़ेंगी रफ्तार
यह भी पढ़ें- इस वजह से कुछ लोगों को दिखते हैं डरावने साये, आज ही जान लें इनकी हकीकत

जुलाई 2018 में, नासा के प्रमुख ने मिशन पर 'स्पेसआईएल' के लिए 'इजरायल अंतरिक्ष एजेंसी' (आईएसए) के साथ समझौता किया था। इसके तहत, स्पेसएल नासा को यह अध्ययन करने के लिए अंतरिक्ष यान के मैग्नेटोमीटर से वैज्ञानिक आंकड़े भेजेगा कि चंद्रमा की चट्टानों में पहले चुंबकीय क्षेत्र था। ब्राइडस्टाइन ने कहा, "जुलाई में मैं इजरायल में था और वैश्विक अंतरिक्ष समुदाय में अपनी भूमिका को प्रसार देने की उनकी प्रतिबद्धता से बहुत प्रभावित हुआ था।"

यह भी पढ़ें- दिल्ली में होने जा रहा 25वां 'मेडिकल फेयर इंडिया 2019' मेला
यह भी पढ़ें- आज के दिन ही हुई थी ‘अंधेरे के देवता’ की खोज, 11वीं पढ़ने वाली लड़की ने सुझाया था यह नाम