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सीहोर-बिलकिसगंज- भोपाल रोड पर चक्का जाम, इंदौर जाने के लिए रूट बदले

सीहोर-बिलकिसगंज रोड स्थित पिपलिया मीरा JAYSHRI GAYATRI FOOD PRODUCTS PRIVATE LIMITED पनीर फैक्ट्री के कर्मचारियों ने किया है ट्रैफिक जाम

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सीहोर-बिलकिसगंज- भोपाल रोड पर चक्का जाम, इंदौर जाने के लिए रूट बदले

सीहोर-बिलकिसगंज- भोपाल रोड पर चक्का जाम, इंदौर जाने के लिए रूट बदले

सीहोर. सीहोर-बिलकिसगंज रोड स्थित पिपलिया मीरा में जयश्री गायत्री फूड प्रोडक्ट्स Milk Magic (पनीर फैक्ट्री) के वर्कर्स ने चक्का जाम कर दिया है। यह आप इस रूट से इंदौर या भोपाल जाने का प्लान बना रहे हैं तो फिलहाल रूट बदल दें। इंदौर-भोपाल स्टेट हाइवे से होकर ही यात्रा करना ठीक रहेगा। पनीर फैक्ट्री के बाहर करीब 500 से 700 वर्कर्स सड़क पर बैठे हैं, जिसके कारण ट्रैफिक पूरी तरह बंद हो गया है। सोमवार को सीहोर-बिलकिसगंज-भोपाल सड़क पर चक्का जाम सुबह 10 बजे से शुरु किया गया है। यह वर्कर्स पिपलिया मीरा स्थित पनीर फैक्ट

जानकारी के अनुसार पिपल्यामीरा क्षेत्र में जयश्री गायत्री फूड प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड Milk Magic द्वारा पनीर फैक्ट्री का संचालन किया जा रहा है, यहां पर दूध से कई तरह के प्रोडक्ट्स का निर्माण किया जाता है, जो न केवल मध्यप्रदेश में, बल्कि देश से बाहर भी कई देश में सप्लाई होते हैं। लंबे समय से फैक्ट्री से निकलने वाला कैमिकल युक्त प्रदूषित पानी खेतों में जा रहा है, जिसे लेकर बीते करीब दो महीने से किसान विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। किसानों ने पहले स्थानीय स्तर पर तहसील, फिर कलेक्ट्रेट में शिकायत की, लेकिन स्थानीय स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई तो वह मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और फिर एनजीटी में चले गए। इस शिकायत पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के दल ने फैक्ट्री का जायजा लिया, जिसके दौरान कई अनियमित्ताएं मिली।

निरीक्षण के दौरान सामने आया कि फैक्ट्री परिसर स्थित दूषित जल उपचार संयत्र (क्षममा 200 केएलडी) उपयुक्त रूप से संचालित नहीं पाया गया। एरेशन टैंक में उपरी सतह पर स्लज का भराव देखा गया। उद्योग के दूषित जल का निस्तार पाइप लाइन के माध्यम से परिसर के बाहर समीपस्थ भूमि में निस्तारित होना मिला। उद्योग से सटे नाले में औद्योगिक दूषित जल का भराव मिला। दल के निरीक्षण में सामने आया कि उद्योग द्वारा नवीन दूषित जल उपचार संयंत्र को पूर्ण कर संचालन प्रारंभ नहीं किया गया है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के दल ने जब नमूनों की जांच कराई तो उसमें सीआडी और बीओडी का स्तर निर्धारित मानकों से ज्यादा पाया गया, जिसे लेकर 19 जनवरी 2022 को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने न केवल फैक्ट्री प्रबंधन को कारखाना बंद करने के निर्देश दिए, बल्कि बिजली कंपनी को भी तत्काल बिजली कनेक्शन काटने के निर्देश दिए। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और कलेक्टर चन्द्रमोहन ठाकुर के निर्देश पर 25 फरवरी को बिजली कंपनी ने JAYSHRI GAYATRI FOOD PRODUCTS PRIVATE LIMITED की बिजली सप्लाई बंद कर दी, जिससे फैक्ट्री बंद हो गई है। यहां काम करने वाले वर्कर्स बेरोजगार हो गए हैं, जो 7 मार्च सुबह से ही सड़क पर आंदोलन करने के लिए बैठ गए हैं।