
फोटो सोर्स- shivraj singh chouhan facebook
MP News: मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के अमलाहा में आयोजित दलहन क्षेत्र के राष्ट्रीय सम्मेलन में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान भी पहुंचे। उन्होंने कृषि वैज्ञानिकों और नौ राज्यों के कृषि मंत्रियों का स्वागत करते हुए कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी का सपना आत्मनिर्भर भारत बनाने का है। उन्होंने यह भी कहा है कि दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भरता देश के लिए आवश्यक है और विदेशों से दाल आयात करना गर्व नहीं, बल्कि चिंता का विषय है।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी ने 27 देशों के साथ समझौते किए, लेकिन किसानों के हितों से समझौत नहीं होने दिया। अब लक्ष्य निर्धारित किया गया है कि देश में दालों का उत्पादन बढ़ाया जाएगा। एक ही फसल बोने से जमीन भी थकती है और कीटों का प्रकोप बढ़ता है। इसलिए चना, मसूर, उड़द और तुअर जैसी फसलों को बढ़ावा देना जरूरी है।
शिवराज ने कहा कि राज्य में दलहन उत्पादन को देश में नंबर बताया। साथ ही कहा कि क्षेत्रफल में कमी चिंता का विषय है, जिसे बढ़ाने के प्रयास किए जाएंगे। ICARDA सहित अन्य अनुसंधान संस्थानों के सहयोग से उन्नत बीज विकसित किए जा रहे हैं, जो कि मौसम और बीमारियों में अनुकूल होंगे। बीज वितरण के लिए क्लस्टर विकसित किए जाएंगे और आदर्श खेती के लिए प्रति हेक्टेयर 10 हजार रुपये की सहायता भी दी जाएगी।
इसके साथ ही शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा की है कि देशभर में 1 हजार नई दाल मिले स्थापित की जाएंगी। न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) दोहराते हुए कहा कि तुअर 8000 रुपए प्रति क्विंटल, उड़द 7800 रुपए, चना 5875 रुपए और मसूर 7000 रुपए प्रति क्विंटल खरीदी जाएगी।
आगे केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि बीज से लेकर बाजार तक किसानों की चिंता सरकार करेगी। उन्होंने बताया कि सम्मेलन के बाद सभी राज्यों के कृषि मंत्रियों के साथ मंथन कर दलहन उत्पादन बढ़ाने का राष्ट्रीय रोडमैप तैयार किया जाएगा। इस मिशन के तहत मध्य प्रदेश को 354 करोड़ रुपए की राशि दी जाएगी। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि असली आनंद खेत, किसान और मिट्टी से जुड़कर काम करने में है, और सरकार किसानों की आय बढ़ाने तथा देश को दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
Published on:
07 Feb 2026 02:13 pm
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