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नेशनल लोक अदालत में एक हजार प्रकरणों के हुए निराकरण

अदालत की 20 खंडपीठ में 1065 प्रकरणों का प्री लिटिगेशन स्टेज पर निराकरण किया

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One thousand cases resolved in Lok Adalat

Sehore / Ashta A lot of cases were settled in Lok Adalat.

सीहोर. लंबित मामलों का मौके पर ही निपटारा करने के उद्देश्य से जिले में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। न कोई हारा न कोई जीता की तर्ज पर हुई इस लोक अदालत में जिन लोगों के प्रकरण का निराकरण हुआ वह तो खुश लौटे, लेकिन जिनका कुछ नहीं हुआ उनको मायूस लौटकर जाना पड़ा।

नेशनल लोक अदालत की 20 खंडपीठ में 1065 प्रकरणों का प्री लिटिगेशन स्टेज पर निराकरण किया गया। जिसमें एक करोड़ 7 लाख 95 हजार 231 रुपए की वसूली हुई। इसी तरह लंबित प्रकरण में से 301 प्रकरण का निराकरण कर तीन करोड़ 25 लाख 31 हजार 230 रुपए का अवार्ड पारित किया गया है।

डीजे ने किया लोक अदालत का निरीक्षण
सीहोर. जिला मुख्यालय पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश व अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण राजवर्धन गुप्ता के नेतृत्व में लोक अदालत हुई। जिसमें द्वितीय अपर जिला न्यायाधीश विजय चंद्रा के न्यायालय में साढे तीन वर्ष से लंबित पराक्रम्य लिखित अधिनियम के मामले में दोनों पक्षकारों के बीच समझौता कराया गया। इसमें 11 लाख 50 हजार रुपए की राशि वसूली हुई।

मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जफ र इकबाल के न्यायालय में धारा 138 परक्राम्य लिखित अधिनियम के प्रमोद विरूद्ध बलराम में 60 हजार, नितिन विरूद्ध विनोद के प्रकरण में समझौता कराकर 70 हजार रुपए की वसूली हुई। इस दौरान न्यायाधीश अफसर जावेद खान, प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय नीना आशापुरे, अपर जिला न्यायाधीश अनीता बाजपेयी, न्यायाधीश विजय चंद्रा, सचिव सेवा प्राधिकरण एसके नागौत्रा, न्यायाधीश स्मृतासिंह ठाकुर, एसपी एसएस चौहान आदि थे।

दीप प्रज्जवलन कर की शुरूआत
आष्टा. न्यायालय परिसर में राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण आदेश अनुसार हुई लोक अदालत का न्यायाधीशों ने दीप प्रज्जवलन कर शुभारंभ किया। इसमें सिविल न्यायालय आष्टा के विभिन्न न्यायालयों में लंबित प्रकरणों में से 106 का निराकरण हुआ। जिसमें 418 व्यक्ति लाभान्वित होकर 1 करोड़ 15 लाख 56 हजार 323 रुपए की वसूली हुई। बिजली कंपनी के 63 प्रकरणों में 4 लाख 12 हजार 741 और नपा के सम्पत्ति कर की 3 लाख तीन 660 रुपए की वसूली हुई। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश सरिता वाधवानी के न्यायालय में 51 बिजली प्रकरणों का निराकरण करते हुए 7 लाख 51 हजार 13 वसूल हुए।

वहीं मोटरयान अधिनियम के 5 प्रकरणों के निराकरण में 5 पक्षकारों को 6 लाख 50 हजार समझौता राशि देने के आदेश न्यायालय ने दिए। द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश प्रदीप राठौर के न्यायालय में पांच प्रकरण के निराकरण में 9 लाख 85 हजार, मोटरयान अधिनियम के दो प्रकरण में 9 लाख 35 हजार की वसूली हुई।

न्यायिक मजिस्टे्रट प्रथम श्रेणी गिरिश कुमार शर्मा ने 20 एनआई एक्ट के प्रकरण में समझौता राशि 29 लाख 96 हजार 573 और तीन सिविल प्रकरण में 70 हजार 991, न्यायाधीश मनोज भाटी के न्यायालय में 9 एनआई एक्ट के प्रकरण में 40 लाख 90 हजार ***** और सिविल के एक प्रकरण में निराकरण कर 36 हजार 960 की राशि वसूली हुई। न्यायाधीश सारिका भाटी के 5 एनआई एक्ट प्रकरण में 10 लाख 40 हजार की वसूली हुई। इस मौके डीई राजीव रंजन, एडवोकेट ताज मोहम्मद ताज, धीरज धारवां सहित अन्य अधिवक्ता उपस्थित थे।

79 प्रकरण में हुआ निराकरण
नसरूल्लागंज. न्यायाधीश डीआर दुबेला ने न्यायालय परिसर में आयोजित लोक अदालत का मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर किया। चार खंडों के माध्यम से आपराधिक प्रकरण 510 रखे थे, जिनमें 79 का निराकरण किया। इसमें बिजली प्री लिटिगेशन के 25 प्रकरण में 2 लाख 20 हजार 826 की वसूली की गई। इस अवसर पर द्वितीय अपर जिला न्यायाधीश वैभव सक्सेना, न्यायिक मजिस्ट्रेट चंद्रसेन मुबेल रेणु खेस, अभिभाषक संघ के अध्यक्ष अधिवक्ता आदि थे।

पति-पत्नी के बीच कराया समझौता
बुदनी. स्थानीय सिविल न्यायालय बुधनी में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। एडीजे न्यायालय में राजीनामा योग्य 26 प्रकरण में से 6, मजिस्ट्रेट न्यायालय में 57 प्रकरण में से 15 प्रकरण का निराकरण किया गया। जिसमें 27 लाख 88 हजार की वसूली हुई। इसी तरह से नगर पंचायत बुधनी के जलकर वसूली के 36 प्रकरण में से 8 प्रकरण में निराकरण कर 7500 वसूल किए।

प्री लिटिगेशन में बैंक के 824 प्रकरण बैंक के रखे गए जिसमें 337 का निराकरण कर 19 लाख 5 हजार रुपए की वसूली हुई। लोक अदालत में शाहगंज क्षेत्र के पति पत्नी के मध्य चल रहे प्रकरण में समझौता कराया गया। समझौते के बाद उनको एक पौधा देकर विदा किया गया।

इस अवसर पर अभिभाषक संघ के अध्यक्ष गिरीश यादव, सचिव मनीष परसाई, अपर लोक अभियोजक रामेश्वर यादव, अभियोजन अधिकारी पंकज रघुवंशी, अधिवक्ता सुनील तिवारी, बीआर अहिरवार, सत्येंद्र जाट, सुनील दुबे, गोविंद रघुवंशी, कैलाश मालवीय, मनीष शर्मा, शशांक तिवारी, कपिल अग्रवाल आदि थे।

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