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घाट पर 4 दोस्त कर रहे थे स्नान गहरे पानी में डूबने से दो की मौत

भोपाल निवासी हैं चारों दोस्त, 3 दिन में 3 बालिकाओं व 2 युवकों की मौत

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घाट पर 4 दोस्त कर रहे थे स्नान गहरे पानी में डूबने से दो की मौत

सीहोर/ रेहटी. अपने दो दोस्तों को आंवली घाट पर दो साथी आंखों के सामने डूबते देखते रहे, लेकिन चाहकर भी मदद नहीं कर सके। भोपाल से आंवली घाट पहुंचे चार दोस्तों में से दो साथियों की नर्मदा में डूबने से मौत हो गई। दोनों मृतक युवक छोला भोपाल निवासी हैं।

जानकारी के अनुसार शंकर साहू उर्फ पिंटू, आकाश साहू, सोनू प्रजापति तथा अंकित पंथी चारों दोस्तों की उम्र १८ से २० साल के बीच है। शंकर साहू और आकाश शिवनगर वायपास छोला रोड भानपुर भोपाल तथा सोनू व अंकित गौतम नगर भोपाल के निवासी हैं। चारों दोस्त दो बाइक पर शनिवार-रविवार की रात सलकनपुर वाली मैया के दर्शन के सलकनपुर के लिए निकले थे। चारों दोस्त रविवार की सुबह रेहटी पहुंच गए थे। चारों दोस्त मातारानी के दर्शन करने के पहले आंवली घाट पर स्नान करने चले गए। अंकित ने पत्रिका को बताया कि चारों आंवली घाट पर सुबह करीब 8 बजे स्नान कर रहे थे। शंकर साहू गहरे पानी में चला गया। शेष हम तीनों दोस्त तैरना नहीं जानते थे, इसलिए घाट पर ही नहा रहे थे। शंकर की देखा-देखी आकाश भी आगे नहाने गया। हमने उसे जाने से मना भी किया, लेकिन वह नहीं माना और गहरे पानी में चला गया कुछ ही देर में डूबने लगा। जिसे देखकर शंकर ने आकाश को बचाने छलांग लगाई और बचाने का प्रयास किया। आकाश को बचाने के चक्कर में दोनों पानी में डूब गए। डूबने से पहले दोनों दोस्तों ने मदद के लिए हाथ उठाए और पुकार लगाई। अंकित ने बताया कि हम जिस जगह नहा रहे थे, वहां कोई नहीं था। इसके कारण हमारी आंखों के सामने दोनों दोस्त गहरे पानी में कहीं खो गए। इस दौरान एक सज्जन ने दोनों दोस्तों की तलाश की, लेकिन सफल नहीं हो सका।

सुरक्षा में कोताही

श्रद्धालु जितेन्द्र ने बताया कि आंवली घाट पर इक्के-दुक्के पुलिस वाले ही नजर आ रहे हैं। इसके साथ ही गोता खोरों का भी घाट पर पता नहीं रहता है। पुलिस की चाक-चौबंद व्यवस्था नहीं होने के कारण अनेक लोग जान-जोखिम में गहरे पानी में चले जाते हैं। तहसीलदार महेन्द्र प्रताप सिंह का कहना है कि आंवली घाट करीब ढाई किमी में फैला है। श्रद्धालुओं के नहाने बनाई गई व्यवस्था को छोड़कर कुछ लोग भीमकुंठ तक चले जाते हैं। पुलिस और प्रशासन का अमला नजर चौकसी रखे हैं। एएसपी समीर यादव का कहना है कि पुलिस प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है। चार सौ से अधिक पुलिसकर्मी सलकनपुर धाम में सुरक्षा में लगे हैं।

3 मौत के बाद भी नहीं चेता प्रशासन

ज्ञातव्य है कि भेापाल के बैरसिया थानांतर्गत गांव चापडिय़ा निवासी काजल पुत्री दीनदयाल कुशवाह 12 साल, विनीता पुत्री जमनाप्रसाद कुशवाह 16 साल और गांव भारंगपुर थाना विदिशा निवासी पायल पुत्री मूलचंद कुशवाह परिजनों के साथ दो दिन पहले सलकनपुर आई थीं। उनके साथ भोपाल निवासी भारती भी अपने परिजनों के साथ आई थी। इस दौरान तीन सहेलियों की डूबने से मौत हो गई थी। इसके बाद तीन बच्चियों के शव नदी से निकाले गए। घटना के बाद भी प्रशासन ने गंभीरता से नहीं लिया।