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नगरीय निकाय में प्रशासक नियुक्त नहीं होने से अटके जरूरत के काम

4 से 8 जनवरी के बीच आष्टा, बुदनी, जावर, कोठरी, नसरुल्लागंज, शाहगंज नगर परिषद का खत्म हुआ कार्यकाल...

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Work needed due to not being appointed as administrator in the urban

Sehore. Nagar Panchayat Nasrullaganj Office.

सीहोर. जिले की दो नगर पालिका और सात नगर पंचायत में से एक नगर पालिका सीहोर को छोड़कर सभी जगह विकास कार्य ठप हो गए हैं।

नगरीय निकाय क्षेत्र में निर्माण कार्य बंद होने के साथ कर्मचारियों को तनख्वाह भी नहीं मिली है। जनवरी का आधा महीना बीतने के बाद भी दिसंबर का वेतन नहीं मिलने को लेकर डेढ़ हजार से ज्यादा कर्मचारी आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं।

नगर पंचायत रेहटी में तो आलम यह है कि डीजल की देनदारी और स्ट्रीट लाइट, ऑफिस का बिजली बिल तक जमा नहीं हुआ है। अफसरों को बिजली कनेक्शन कटने का डर सता रहा है। नगरीय निकाय में यह सब दिक्कत पैदा हुई है पुरानी परिषद का कार्यकाल खत्म होने के 15 दिन बाद भी प्रशासक नियुक्त नहीं होने से।

जिले में 4 से 8 जनवरी तक सभी नगरीय निकाय का कार्यकाल खत्म हो गया, लेकिन अभी तक एक भी जगह प्रशासक की नियुक्ति नहीं हो सकी है। जिले के अफसरों का तर्क है कि प्रशासन भोपाल से नियुक्ति किए जाएंगे, अभी नगरीय प्रशासन से कोई आदेश नहीं मिला है।

चुनाव में अभी दो महीने से ज्यादा समय
सीहोर जिले की दो नगर पालिका और सात नगर पंचायत हैं। सीहोर नगर पालिका को छोड़कर नगर पालिका आष्टा, नगर पंचायत बुदनी, रेहटी, शाहगंज, जावर, इछावर, नसरुल्लागंज, कोठरी के चुनाव अप्रैल-मई महीने में प्रस्तावित हैं।

निकाय के चुनाव और चुनाव की प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक हलचल भी शुरू हो गई हैं, लेकिन पुरानी परिषद का कार्यकाल खत्म हुए 10 दिन से ज्यादा समय हो गया और अभी चुनाव में दो-तीन महीने का समय शेष है, पर अभी तक नगरीय निकाय में प्रशासक नियुक्त नहीं किए गए हैं, जिसे लेकर विकास कार्य ठप हो गए हैं।

डेढ़ हजार से ज्यादा है कर्मचारी
आष्टा नगर पालिका में करीब 278 कर्मचारी हैं। हर महीने 40 लाख रुपए वेतन बंटता है। जावन नगर पंचायत में करीब 70 कर्मचारी है, यहां पर भी करीब 10 लाख रुपए वेतन बांटा जाता है। रेहटी में 80 कर्मचारियों को 14 लाख रुपए वेतन निकाला जाता है। कर्मचारियों के वेतन से लेकर नगरीय निकाय में नामांतरण, नवीन निर्माण कार्य की स्वीकृति, ठेकेदारों के भुगतान आदि का काम शुरू गया है, जिसके कारण लोग परेशान हो रहे हैं।

कहां क्या काम हो रहा प्रभावित
- आष्टा नगर पालिका द्वारा 90 लाख रुपए की लागत से जर्जर सड़कों का मेंटेनेंस कराया जा रहा है। निर्माण कार्य 60 फीसदी हो गया। नगर पालिका ने ठेकेदार को भुगतान नहीं किया है, जिसके करण ठेकेदार ने काम रोक दिया है।
- आष्टा में रामपुरा डैम से आष्टा नगर तक पेयजल सप्लाई के लिए पाइप लाइन बिछाई जा रही है। निर्माण कार्य 40 करोड़ रुपए की लागत से किया जा रहा है। ठेकेदार का भुगतान नहीं होने को लेकर यह काम भी रुक गया है।
- रेहटी में नगर पंचायत 50 लाख रुपए की लागत से सड़क, नाली का निर्माण कार्य प्रस्तावित है। निर्माण कार्य 20 फीसदी होने के बाद रुक गया है। प्रशासक नहीं होने के कारण भुगतान नहीं हो पा रहा है।

कौन क्या कहता है...
प्रशासक नियुक्त नहीं होने से अभी निर्माण कार्य और कर्मचारियों का वेतन का भुगतान नहीं कर पा रहे हैं। इसके अलावा बिजली बिल, पेट्रोल-डीजल का भुगतान भी नहीं निकल रहा है।
- जगदीश चौहान, प्रभारी सीएमओ नगर पंचायत रेहटी

नगर पालिका के 278 कर्मचारियों को हर महीने पांच तारीख को वेतन दिया जाता था, लेकिन इस बार अभी तक नहीं दिया गया है। प्रशासक नहीं होने के कारण नगर के 12 बड़े निर्माण कार्य रुक गए हैं।
- नीरज श्रीवास्तव, सीएमओ नगर पालिका आष्टा

प्रशासक नहीं होने के कारण नवीन कार्य नहीं हो पा रहे हैं। नगर पंचायत के कर्मचारियों को भी बजट नहीं मिलने के कारण वेतन का भुगतान नहीं हो सका है। अभी सिर्फ वही काम हो रहे हैं, जो सीएमओ के अधिकार क्षेत्र के हैं।
- सुलेखा जाटव, सीएमओ नगर पंचायत जावर