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Navratri 2022 : सपनों में आकर दर्शन देती हैं बड़ी बिजासन मां, देती हैं ये संकेत

मां के चमत्कारों की महिमा ये कि जो कोई उनसे मन्नत मांगे तो वह सपनों में आकर ऐेसे संकेत देती हैं, जो बताते हैं कि आपकी मन्नत जल्द ही पूरी होने वाली है।

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सेंधवा। नवरात्रि में महाराष्ट्र और गुजरात से आने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ मध्यप्रदेश पहुंच रही है। दरअसल यहां स्थित बड़ी बिजासन माता का प्राचीन मंदिर उनकी आस्था का केंद्र है। 300 साल भी अधिक पुराने इस मंदिर में प्राकृतिक रूप से स्थापित देवी मां महाराष्ट्र, गुजरात के साथ ही मध्यप्रदेश के परिवारों की कुलदेवी हैं। मां के चमत्कारों की महिमा ये है कि जो कोई उनसे मन्नत मांगे तो वह सपनों में आकर ऐेसे संकेत देती हैं, जो बताते हैं कि आपकी मन्नत जल्द ही पूरी होने वाली है। आप भी जाने मन्नत पूरी होने के संकेत देने वाली बड़ी बिजासन वाली मां की महिमा और चमत्कार की कहानियां...

तीन बार हो चुका है जीर्णोद्धार
इस मंदिर का अब तक तीन बार जीर्णोद्धार भी हो चुका है। पर्वत के बीच बना मंदिर बहुत आकर्षक दिखता है. प्राकृतिक रूप से स्थापित माता मनोकामना पूर्ति करने वाली माता के रूप में मान्य हैं। चंद्रपुर के महेश पाटिल बताते हैं कि यहां आनेवाले भक्तों को माता पर अगाध विश्वास है। माता कुछ विशेष संदेश दे देती हैं, जो बताते हैं कि आपकी मन्नत पूरी हो जाएगी। किसी को स्वप्न में दर्शन देती हैं तो किसी को महिला बनकर आध्यात्मिक अहसास दिलाती हैं।

गरीब बच्चों को दी जाती है नि:शुल्क शिक्षा
सेंधवा से करीब 16 किमी दूर स्थित इस मंदिर में माता की पिंडी स्वरूप प्रतिमा विराजित है। इस मंदिर को बड़ी बिजासन माता मंदिर के रूप में भी जाना जाता है। मंदिर केवल धार्मिक क्रियाकलापों के लिए नहीं, बल्कि सामाजिक और शैक्षणिक कार्यों के लिए भी पहचाना जाता है। मंदिर परिसर में बच्चों की शिक्षा के लिए वर्षों से स्कूल संचालित किया जा रहा है। इस शिवाजी विद्यालय में गरीब बच्चों को निशुल्क आवासीय शिक्षा दी जा रही है।

गोशाला में इन गायों को की जाती है सेवा
मंदिर में गोवंश संरक्षण के लिए गोशाला का संचालन भी किया जा रहा है. यहां 200 से ज्यादा गायों की देख-रेख की जा रही है. खास बात यह है कि गोशाला के लिए कभी गाय खरीदी नहीं गई है बल्कि गोवंश तस्करी की जब्त की जाने वाली कमजोर और दूध नहीं देने वाली गायों को इस गोशाला में रखकर उनकी सेवा की जाती है। श्रद्धालुओं से मिलने वाले दान से ये सेवा कार्य किए जाते हैं।

कोरोना में किए ये नेक काम
माता का यह मंदिर मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र की सीमा पर है। कोरोना संक्रमण और लाकडाउन की वजह से पिछले साल जब श्रमिकों और मजूदरों ने पैदल, वाहनों से अपने घरों की और रुख किया तो मंदिर ट्रस्ट ने उनके भोजन और पेयजल का इंतजाम किया। लाखों मजदूरों को भोजन—पानी उपलब्ध कराया। मां बड़ी बिजासन ट्रस्ट इन सेवा कार्यों का संचालन करता है।