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सत्ता, संपत्ति स्वास्थ्य और सौंदर्य की कोई एक्सपायरी नहीं, ये कभी भी खत्म हो जाती है

धर्मसभा में राष्ट्रसंत, पद्मभृषण अंलकृत, आचार्यप्रवर विजयरत्नसुंदर सुरिश्वरी मसा बोले

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Vijay Ratna Sundar Surishwar

Vijay Ratna Sundar Surishwar

बड़वानी. मेडिकल स्टोर पर जो दवा मिलती है, उसमें जो समय लिखा होता है। वह उस समय पर ही एक्सपायर होती है। जबकि सत्ता , संपत्ति, स्वास्थ्य और सौंदर्य की कोई एक्सपायरी नहीं होती है। वह कभी भी एक्सपायर हो सकती है, इनका कोई भरोसा नहीं। हम जीवनभर इनको बचाने का प्रयास करते है, लेकिन ये निश्चित है कि हम इसे साथ भी ले नहीं जा सकते। ये उद्गार राष्ट्रसंत, पद्मभृषण अंलकृत, आचार्यप्रवर विजयरत्नसुंदर सुरिश्वरी मसा ने व्यक्त किए। सकल जैन संघ सेंधवा ने बुधवार को 9.30 बजे मंगल भवन पर होने वाली धर्मसभा का लेने की अपील की है।
राष्ट्रसंत ने कहा कि एक प्रदुषण वातावरण का होता है। एक प्रदुषण सोच को वातावरण के प्रदुषण से हम बाहर निकलना चाहते है, लेकिन विचारों के प्रदुषण से बाहर कैसे निकलेंगे। इस पर चिंतन करें। स्वयं भगवान भी सत्ता, संपत्ति, स्वास्थ्य और सौंदर्य को साथ में नहीं ले जा सकें। जबकि एक भिखारी भी सद्गुण, संवेदनशीतला, समाधि और समझ को साथ में ले जा सकता है। धर्मसभा में नपा अध्यक्ष बसंती बाई यादव, जितेंद्र शाह, जवेरचंद जैन, बीएल जैन, दीपक लालका, अंबालाल शाह, प्रेमचंद सुराणा, नंदलाल बुरड़, परेश सेठियां, अभय जैन, डॉ. किंसुक लालका, अशोक पाटनी, एचडी वैष्णव, गोकुलदास झंवर, महेंद्र जायसवाल, नवरत्न माहेश्वरी, सुमित गांधी सहित इंदौर, शाहदा, खेतिया, खरगोन, शिरपुर, बलवाड़ी के श्रावक-श्राविकाएं मौजूद थे। संचालन सुरेश बागरेचा ने किया।