
प्रशिक्षण केन्द्र पहुंचे डीपीसी ने किया मार्गदर्शन।
सिवनी. इस जिले के 137 जनशिक्षकों को डिंडौरी जिले में एफएलएन पांच दिवसीय प्रशिक्षण के लिए भेजा गया है, जबकि मंडला जिले के 114 जनशिक्षक सिवनी जिले में प्रशिक्षण पाने आए हैं। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य शिक्षा व व्यवस्था को बेहतर बनाना है। डाइट प्राचार्य केके पटेल, डीपीसी एमके बघेल, ने बुधवार को शिक्षक प्रशिक्षण केन्द्र (डाइट) केवलारी पहुंचकर मंडला जिले के जनशिक्षकों को मार्गदर्शन दिया।
डीपीसी ने बताया कि एफएलएन के अंतर्गत प्राथमिक शालाओं में कक्षा एक, दो, तीन व चार के बच्चों के बीच शिक्षा को अधिक प्रभावी बनाने के लिए जनशिक्षकों को सतत मॉनिटरिंग करने, नवाचार के लिए शिक्षकों को प्रोत्साहित करने, अच्छा कार्य करने वाले शिक्षकों को सामने लाकर अन्य को भी प्रेरित करने जैसे कार्य का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
डीपीसी ने बताया कि सिवनी जिले के 142 जनशिक्षकों को प्रशिक्षण के लिए डिंडौरी जाना था। इनमें तीन महिलाएं हैं, जो कि विभागीय निर्देश अनुसार केवलारी डाइट में प्रशिक्षण पा रही हैं। इनके अलावा एक जनशिक्षक पारिवारिक समस्या और एक जनशिक्षक के बेटे की शादी है। इसलिए वह प्रशिक्षण में नहीं जा पाए हैं। शेष 137 डिंडौरी में रहकर प्रशिक्षण ले रहे हैं। इसी तरह से मंडला जिले के 114 जनशिक्षक केवलारी में सोमवार से आरम्भ हुए प्रशिक्षण में शामिल हैं। शुक्रवार को प्रशिक्षण का समापन होगा।
अनुभव व तकनीक का करेंगे उपयोग-
प्रशिक्षण लेने आए जनशिक्षकों को प्रतिदिन अलग-अलग विषयों की जानकारी दी जा रही है। जिसमें मुख्य रूप से बच्चों के बीच सतही ज्ञान की समझ, पूरे ज्ञान की समझ के प्रश्न, सामाजिक ज्ञान के प्रश्न और तकनीकी ज्ञान की समझ आदि विकसित करने के विषय में बताया जा रहा है। जनशिक्षकों ने कहा कि वे अपने कार्यक्षेत्र में अनुभव और तकनीक के साथ कार्य करेंगे, जिससे शासकीय स्कूलों में प्राथमिक स्तर की शिक्षा में सुधार आए और बच्चों के बीच तकनीकी ज्ञान को भी अच्छी तरह से समझ सकें।06:02 PM
Published on:
27 Jun 2024 06:09 pm
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