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लोकायुक्त की कार्रवाई-बिजली कनेक्शन देने से पहले वसूल रहे थे 10  हजार

भले ही आजकल बिजली विभाग से संबंधित सभी काम ऑनलाइन हो गए हैं, लेकिन रिश्वत लेने का काम आज भी ऑफलाइन बदस्तुर जारी है, ऐसा ही एक मामला मध्यप्रदेश के सिवनी जिले से सामने आया है.

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सिवनी. भले ही आजकल बिजली विभाग से संबंधित सभी काम ऑनलाइन हो गए हैं, लेकिन रिश्वत लेने का काम आज भी ऑफलाइन बदस्तुर जारी है, ऐसा ही एक मामला मध्यप्रदेश के सिवनी जिले से सामने आया है, जहां बिजली कनेक्शन देने से पहले 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए एक कर्मचारी रंगे हाथों पकड़ाया है।


जानकारी के अनुसार सिवनी जिले के मुंगवानी विद्युत वितरण केंद्र में पदस्थ जेई जगदीश परिहार को लोकायुक्त की टीम ने 10 हजार रुपयों की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। इन्होंने ठेकेदार सुरेंद्र ठाकुर से किसान के खेत में पंप लगाने के लिए स्टीमेट बनाने के लिए रिश्वत मांगी थी, जिस पर शिकायत मिलने पर लोकायुक्त की टीम ने कार्रवाई की है।

दरअसल एक किसान को सिंचाई करने के लिए खेत में विद्युत कनेक्शन चाहिए था, इस कारण किसान के खेत में बिजली की लाइन बिछाने, ट्रांसफार्मर खड़ा करने का महज स्टीमेट बनाने के नाम पर जेई ने 10 हजार रुपए की रिश्वत मांग ली थी, जिसकी शिकायत होने के बाद योजनाबद्ध तरीके से कनिष्ठ यंत्री और एक अन्य को रंगे हाथों रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया।

लोकायुक्त दल के प्रभारी कमल सिंह उइके ने बताया कि ग्राम रनवेली में किसान बादामी मालवीय ने एक ट्रांसफार्मर व नौ एलटी लाइन का पोल लगाने के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। इसका एस्टीमेट तैयार करने के एवज में विद्युत वितरण केंद्र मुंगवानी के उपयंत्री (कनिष्ठ यंत्री) जगदीश परिहार (31) ने 10 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी। जिसकी शिकायत विद्युत ठेकेदार सुरेंद्र सिंह पुत्र राजकुमार ठाकुर (37) नागपुर रोड खैरीटेक निवासी ने लोकायुक्त जबलपुर में दर्ज कराई थी। इस मामले में बुधवार को लोकायुक्त जबलपुर पुलिस अधीक्षक संजय साहू के निर्देशन में शिकायत का सत्यापन करने के बाद बुधवार को उपयंत्री जगदीश पुत्र यतेंद्र परिहार व सहआरोपित नरेंद्र पुत्र शिवकुमार बंदेल मुंगवानी निवासी को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। कार्रवाई में निरीक्षक कमल सिंह उइके, निरीक्षक भूपेंद्र कुमार दीवान व अन्य सदस्य शामिल रहे।

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