बीजेपी ने बरघाट सीट से कमल मर्सकोले को मैदान में उतारा था और कांग्रेस ने अर्जुन सिंह काकोडिया पर भरोसा जताया था। मतदाता सिवनी जिले की बरघाट सीट एसटी वर्ग के लिए आरक्षित है।
सिवनी जिले की बरघाट विधानसभा सीट पर भाजपा के कमल मर्सकोले ने कमल खिला दिया। मर्सकोले ने कांग्रेस के अर्जुन सिंह काकोडिया को हरा दिया। मर्सकोले को एक लाख 12 हजार 74 वोट मिले, जबकि अर्जुन सिंह काकोडिया को 94 हजार 993 वोट मिले। हार-जीत का अंतर 17 हजार 81 रहा। कांग्रेस के कब्जे वाली एक सीट को द जंगल बुक के मोगली का घर की वजह से दुनिया भर में जाना जाता है। साथ ही पेंच टाइगर रिजर्व भी बरघाट विधानसभा सीट से आती है। 17 नवंबर शुक्रवार को बरघाट विधानसभा सीट पर 88.2 फीसदी मतदान हुआ।
2018 के विधानसभा चुनाव की बात करें तो यहां पर 7 उम्मीदवारों के बीच मुकाबला था। कांग्रेस के अर्जुन सिंह ने बीजेपी के नरेश वारखड़े को हराया था। अर्जुन सिंह को 90,053 वोट मिले तो नरेश के खाते में 82,526 वोट गए। कांग्रेस ने यहां पर 7,527 मतों के अंतर से अपनी जीत दर्ज कराई। तब बरघाट सीट पर कुल वोटर्स की संख्या 2,21,624 थी। इनमें पुरुष वोटर्स की संख्या 1,10,740 थी तो, महिला वोटर्स की संख्या 1,10,882 थी। इसमें से कुल 1,85,681 यानी 84.9 फीसदी मतदान हुए।
राजनीतिक इतिहास
अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित बारघाट सीट के राजनीतिक इतिहास की बात करें तो अभी इस सीट पर कांग्रेस का कब्जा है। जबकि इससे पहले 2 चुनाव में बीजेपी को जीत मिली थी।
2013 के चुनाव में बीजेपी के प्रत्याशी कमल मर्सकोले ने जीते थे। इससे पहले भी 2008 के चुनाव में भी बीजेपी के टिकट पर कमल मस्र्कोले ने ही जीत का सेहरा पहना था। हालांकि कांग्रेस ने 2018 के चुनाव में बीजेपी की हैट्रिक पर ब्रेक लगाते हुए इस सीट पर कब्जा जमा लिया। इस सीट पर त्रिकोणीय मुकाबले के आसार लग रहे हैं क्योंकि, बीजेपी और कांग्रेस के अलावा गोंडवाणा गणतंत्र पार्टी (GGP) भी यहां पर अच्छी पकड़ रखती है।
बरघाट सीट आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र है, ऐसे में यही वर्ग यहां पर हार-जीत का फैसला करता है। बारघाट सीट महाराष्ट्र सीमा से लगा हुआ है। इस क्षेत्र में करीब एक लाख आदिवासी वोटर्स रहते हैं तो, 50 हजार से अधिक पवार बिरादरी और 20 हजार से अधिक एससी वोटर्स रहते हैं।
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