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मक्का बेचकर किसान के चेहरें पर बिखरी मुस्कान शादी व अन्य आयोजनों की तैयारी में जुटे

कृषि मंडियां भी हुई मालामाला, 14.24 लाख क्विंटल से ज्यादा मक्का की हुई बिकवाली

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Railways: The game of jamming the indent has started

सिवनी. बीते वर्ष मक्का की बोवनी कर भारी घाटा उठाने वाले किसानों के चेहरें इस बार खिले नजर आ रहे हैं। जिले की कृषि मंडियां भी मक्का के टैक्स से मालामाल हो गई है। फरवरी माह में भी मंडियों में मक्का की आवक बनी हुई है। १५ सौ रुपए से बढ़कर मक्का अब दो हजार रुपए क्विंटल तक बिक रहा है। मक्का बेचने के बाद किसान अपने घरों में शादी सहित अन्य आयोजनों की तैयारी में जुट गए हैं।
कृषि उपज मंडी समिति सिमरिया के आकड़ों पर बौर करें तो चार माह के अंदर व्यापारियों ने 14.24 लाख क्विंटल से ज्यादा मक्का किसानों से खरीदा है। फरवरी माह में भी मंडी में मक्का की आवक बनी हुई है। अच्छी गुणवत्ता का मक्का दो हजार रुपए क्विंटल तक बिक रहा है। भावांतर योजना सप्ताह करने के बाद बीते साल मक्का के दाम में भारी गिरावट आई थी, जो 1200 से 1400 रुपए क्विंटल तक ही पहुंच पाई थी। इस साल अक्टूबर से जनवरी के बीच महज चार माह में लाखों क्विंटल मक्का व्यापारियों ने किसानों से खरीद डाला। मक्का खरीद बिक्री पर लिए गए 1.70 प्रतिशत मंडी टैक्स से कृषि उपज मंडियां मालामाल हो गई हैं। नवंबर व दिसंबर माह में सिमरिया मंडी प्रशासन को मक्का के सौदे से करीब ढाई करोड़ से ज्यादा का मंडी टैक्स मिला है।
अप्रैल 2021 से जनवरी 2022 तक कृषि उपज मंडी सिवनी क्षेत्र अंतर्गत सिवनी, भोमा, कुरई, बादलपार आदि क्षेत्रों में 14.24 लाख क्विंटल मक्का उपज के सौदे हुए हैं। इसमें कृषि उपज मंडी परिसर में किसानों द्वारा लाया गया मक्का भी शामिल है। सरकार के नए नियमों के तहत अब व्यापारी अब किसानों से उनके गांव में भी मक्का सौदा पत्रक पर खरीद सकते हैं। लेकिन इसके लिए व्यापारियों को उपज पर लगने वाला 1.50 प्रतिशत मंडी टैक्स के साथ 0.20 प्रतिशत निराश्रित शुल्क मंडी खाते में जमा करना होगा। सिर्फ जिला मुख्यालय की मंडी में 14.24 लाख से मक्का उपज के सौदे हुए हैं। जिले की अन्य कृषि मंडियों में हुए सौदों को जोड़ दिया जाए तो यह आंकड़ा दो से तीन गुना बढ़ जाएगा। जिले की पलारी, केवलारी, छपारा, लखनादौन तथा घंसौर कृषि उपज मंडी क्षेत्र में लाखों क्विंटल मक्का व्यापारियों ने किसानों से खरीदा हैं। कृषि उपज मंडी समिति सिमरिया के निरीक्षक टीआर धुवारे ने बताया कि अक्टूबर 2021 से जनवरी 2022 के बीच 13 लाख क्विंटल से ज्यादा मक्का की बिकवाली मंडी क्षेत्र अंतर्गत हुई है। किसानों को मक्का का भाव अच्छा मिला है। किसान फरवरी में भी मक्का लेकर मंडी परिसर में पहुंच रहे हैं। मंडी को टैक्स से पर इस बार अच्छा राजस्व प्राप्त हुआ है।



दिल्ली, महाराष्ट्र व बेंगलुरु की कंपनियों ने सिवनी में खरीदा मक्का
जिले में दिल्ली, महाराष्ट्र, बैंगलुरू की तीन से चार कंपनियां मक्का की बड़ी मात्रा में खरीदी कर रही हैं। ऐसे में किसानों को जिले में मक्का का अच्छा दाम मिल रहा हैं। पिछले साल मक्का दाम कम होने के कारण किसानों को मक्का बेचने छिंदवाड़ा की चौरई मंडी जाना पड़ता था, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ। समय पर भुगतान मिलने के कारण किसानों ने बड़ी मात्रा में जिले के व्यापारियों को मक्का बेचा है। पिछले साल की तुलना में इस साल बाहर की कंपनियों ने बड़ी मात्रा में मक्का खरीदा है।



मक्का बेचा, अब करुंगा बेटी की शादी
मैंने इस साल करीब दो सौ क्विंटल मक्का १८०० से दो हजार रुपए के भाव से कृषि मंडी में बेचा है। मक्का के मिले पैसे से इस साल बेटी का विवाह करुंगा। इसकी तैयारी शुरू कर दिया हूं। बीते वर्ष बेटी की शादी मक्का का भाव सही नहीं मिलने से पैसे का इंतजाम नहीं हो पाया था, जिसकी वजह से रूक गई थी। इस बार भाव अच्छा मिला और भुगतान में भी समस्या नहीं हुई।