सिवनी. जिला अस्पताल के शिशु वार्ड में देर शाम उस समय हड़कंप मच गया जब सेफ्ट्रिएक्सोन इंजेक्शन लगाते हुए 14 बच्चों की अचानक तबियत बिगड़ गई। सभी को एक साथ उल्टी-दस्त शुरू हो गए। कंपकपी के साथ उनको बुखार हो गया। परिजनों ने शोर मचाना शुरू कर दिया। ड्यूटीरत नर्स ने इसकी सूचना आनन-फानन में वार्ड इंचार्ज एवं ड्यूटीरत चिकित्साधिकारी को दी। इसके बाद सभी का उपचार शुरू किया गया।
शिशु वार्ड में खून की कमी, डायरिया, पेट दर्द सहित अलग-अलग बीमारी से पीडि़त बच्चे भर्ती है। प्रतिदिन की तरह उनको सोमवार की शाम को नर्स मंजू परते ने चिकित्साधिकारी के सलाह पर इंजेक्शन सेफ्ट्रिएक्सोन लगाया। इसके बाद एक-एक कर 14 बच्चों को उल्टी-दस्त, कंपकपी व बुखार शुरू हो गया। इसकी जानकारी नर्स ने चिकित्साधिकारियों को दी।
वार्ड इंचार्ज डॉ. लोकेश चौहान व ड्यूटीरत चिकित्साधिकारी डॉ. पारस पटेरिया मौके पर पहुंचे। सभी ने बच्चों का चेकअप के बाद रियेक्शन का उपचार शुरू कराया। छह बच्चों को आइसीयू में भर्ती किया गया। शेष का उपचार शिशु वार्ड में चल रहा है। सूचना के बाद मौके पर पहुंचे सिविल सर्जन डॉ. वीके नावकर ने बताया कि सभी बच्चे खतरे से बाहर है।
सुहानी को लगा पहला इंजेक्शन
शिशु वार्ड में ग्राम कोटकसा निवासी कमलेश बरमैया की डेढ़ वर्षीय पुत्री सुहानी का खून की कमी का उपचार चल रहा है। सबसे पहले सुहानी को ही इंजेक्शन लगा। कमलेश ने बताया कि इंजेक्शन लगने के बाद उसकी तबियत बिगडऩे लगी। दूसरे नंबर पर ग्राम रमपुरी निवासी पारूल (१०) को इंजेक्शन लगाया गया। पारुल के पेट में दर्द होने पर बीते बुधवार को परिजन शिशु वार्ड में भर्ती कराए। उसी दिन उल्टी-दस्त होने पर १४ माह के पुत्र लक्ष्य पटेल को मां दीक्षा पटेल ने उपचार के लिए भर्ती कराया। तीसरे नंबर पर लक्ष्य को इंजेक्शन लगा। तीनों स्वस्थ्य हैं। उनका उपचार शिशु वार्ड में चल रहा है।
अंकुश सहित छह का चल रहा आइसीयू में उपचार
ग्राम बोरदई निवासी अंकुश विश्वकर्मा (एक वर्ष) को रविवार की शाम को तबियत बिगडऩे पर परिजन डॉ. लोकेश चौहान के क्लिनिक पर लेकर गए। प्राथमिक उपचार के बाद उन्होंने उसे शिशु वार्ड में भर्ती करा दिया। इंजेक्शन लगने के बाद उसकी तबियत ज्यादा बिगड़ गई। उसका उपचार आइसीयू में चल रहा है। अंकुश खतरे से बाहर है।
वर्जन –
सेफ्ट्रिएक्सोन इंजेक्शन लगाने से 14 बच्चों की तबियत बिगड़ी हैं। सभी का उपचार जारी है। सभी खतरे से बाहर है। उनकी तबियत कैसे बिगड़ी इसकी जांच कराई जाएगी। इंजेक्शन को जांच के लिए लैब भेजा जाएगा।
– डॉ. वीके नावकर, सिविल सर्जन जिला अस्पताल सिवनी।
वर्जन –
मैं ड्यूटी पर हूं। जैसे ही बच्चों के तबियत बिगडऩे की सूचना मिली मौके पर पहुंचकर उपचार शुरू कर दिया। सभी को अलग-अलग वार्ड में शिफ्ट कराकर उपचार किया जा रहा है। सभी खतरे से बाहर है।
– डॉ. पारस पटेरिया, चिकित्साधिकारी जिला अस्पताल सिवनी
वर्जन
इंजेक्शन से रियेक्शन हुआ है या कोई और कारण है। इसकी जांच शुरू कर दी गई है। बच्चों की तबियत अब ठीक है। खतरे की कोई बात नहीं है। सभी का उपचार चल रहा है।
– डॉ. लोकेश चौहान, इंचार्ज शिशुवार्ड जिला अस्पताल सिवनी