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मोगली उत्सव में पहले दिन बच्चों को दिखा बाघ-तेंदुआ

- प्रदेश भर के 300 बच्चे पहुंचे मोगली की धरती पर, तीन दिवसीय आयोजन आरम्भ

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बाघ-

बाघ

सिवनी. जंगल-जंगल बात चली है, पता चला है... ये गीत हर किसी ने टीवी-कॉर्टून पर देखा और सुना है। इसमें जो मोगली बालक है, उसे सिवनी के पेंच टाइगर रिजर्व के जंगलों का बताया जाता है। इन जंगलों पर ही प्रसिद्ध लेखक रूडयार्ड किपलिंग ने मोगली पर आधारित द जंगल बुक किताब लिखी थी। उसी मोगली की धरती यानि सिवनी जिले के पेंच टाइगर रिजर्व में प्रदेश स्तरीय तीन दिवसीय मोगली उत्सव की शुरुआत सोमवार को हुई। इसमें मप्र के सभी 55 जिलों के 300 विद्यार्थी एवं शिक्षक शामिल हुए हैं। मोगली उत्सव के पहले दिन पेंच के टुरिया गेट से बच्चों को जंगल सफारी के लिए भेजा गया। गेट पर जिप्सी वाहनों को सिवनी विधायक दिनेश राय ने हरि झंडी दिखाकर बाल उत्सव प्रारंभ कराया।


स्कूल शिक्षा विभाग एवं जिला प्रशासन द्वारा पेंच नेशनल पार्क टुरिया गेट मे आयोजित राज्यस्तरीय बाल उत्सव 2024 कार्यक्रम को विधायक श्री दिनेश राय मुनमुन जी ने हरि झंडी दिखाकर प्रारंभ कराया तथा स्वयं भी स्कूली बच्चों के साथ सैर के लिए रवाना हुए।


बच्चों ने देखा बाघ-तेंदुआ
मोगली उत्सव में पेंच के कोर एरिया के जंगल सफारी के दौरान बच्चे बाघ को देखकर रोमांचित हुए। जिप्सी वाहन के नजदीक से बाघ गुजरा तो देखकर बच्चे बेहद खुश हुए। गाइड ने बाघ के बारे में जानकारी दी। इसी तरह एक गु्रप के बच्चों को तेंदुआ नजर आया। कई जगह बच्चों को बायसन, चीतल, लंगूर और कई वन्यप्राणी व पक्षी दिखाई दिए।
वन व वन्यप्राणियों से जुड़ी दी जानकारी


पेंच कोर एरिया के मध्य अलीकट्टा में कुछ समय के लिए वाहनों को रोका गया। जहां सभी एकत्रित मोगली मित्र बच्चों को पेंच टाइगर रिजर्व के अधिकारियों ने पेंच व यहां की विशेषताओं के बारे में बताया। इसके बाद क्विज प्रतियोगिता कराई गई। सवालों का सही जवाब देने वाले बच्चों को मौके पर ही पुरस्कृत किया गया।