
सिवनी। मध्य प्रदेश में लगातार रिश्वतखोर अफसरों के खिलाफ इन दिनों कार्रवाई चल रही है। इसी के चलते शुक्रवार को लोकायुक्त की टीम ने सिवनी के बरघाट की CMO कामिनी लिल्हारे को 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा है। बताया जा रहा है कि CMO कामिनी लिल्हारे 5 फाइलों के 10 हजार रुपए रिश्वत ले रहीं थीं। इस मामले में कार्रवाई जबलपुर लोकायुक्त की टीम ने की है।
मिली जानकारी के अनुसार बरघाट निवासी जय टेमरे ने लोकायुक्त जबलपुर को शिकायत की थी कि भवन अनुज्ञा पत्र के लिए प्रत्येक अनुज्ञा के दो हजार मांगी जा रही है। वहीं, डिमांड के अनुसार जय टेमरे, कामनी को पैसे देने के लिए पहुंचे थे। इसी दौरान लोकायुक्त की टीम ने उसे रंगेहाथों धर दबोचा।
जानकारी के अनुसार भवन अनुज्ञा के काम के लिए मुख्य नगर पालिका अधिकारी बरघाट द्वारा रिश्वत मांगे जाने की लोकायुक्त जबलपुर को शिकायत आवेदक जय टैमरे पिता रामेश्वर प्रसाद उम्र 38 वर्ष निवासी बरघाट ने की थी।
जय टैमरे के अनुसार CMO कामिनी लिल्हारे (मुख्य नगर पालिका अधिकारी) नगर परिषद बरघाट जिला सिवनी द्वारा कार्य–प्रार्थी की भवन अनुज्ञा की कुल 11 फाइलें पेंडिंग थी, जिसमें से 5 फाइलों में भवन अनुज्ञा प्रदान किए जाने के बदले में प्रति फाइल 2000 रुपए के हिसाब से कुल 10 हजार रुपए रिश्वत मांगी गई थी।
फरियादी जय टैमरे के अनुसार वह भवन अनुज्ञा का काम पिछले 5 सालों से कर रहे हैं, लेकिन जब से सीएमओ कामिनी लिल्हारे आई हैं। हर एक फाइल के लिए इनके द्वारा पैसा मांगा गया है। वहीं 2 हजार रुपए प्रति फाइल का मांगा था, तो 5 फाइल का मेरे द्वारा इनको 10 हजार पेमेंट देते हुए लोकायुक्त टीम ने इन्हे रंगे हाथों पकड़ा है।
Published on:
24 Feb 2023 07:29 pm
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