
पेंच टाइगर रिजर्व में सोमवार को कॉलर वाली बाघिन की पुण्यतिथि पर मोमबत्ती जलाकर, मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई। इस मौके पर पेंच पार्क के अधिकारी, गाइड, चालक और देश-विदेश के पर्यटक शामिल रहे। बाघिन के नाम सबसे अधिक शावकों को जन्म देने का रेकॉर्ड रहा है। जिसे याद करने दूसरी पुण्यतिथि पर सोमवार को पेंच पार्क के टुरिया गेट पर श्रद्धांजलि कार्य₹म रखा गया। जहां बाघिन की फोटो के सामने मोमबत्ती जलाकर, मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई। इसके बाद जंगल सफारी की शुरुआत हुई।
सुपरमॉम को मोमबत्ती जलाकर दी श्रद्धांजलि
कॉलर बाघिन ने एमपी को टाइगर स्टेट का दर्जा दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। कॉलर बाघिन का जन्म सितंबर 2005 में हुआ था। आठ बार में बाघिन ने 29 शावकों को जन्म दिया था। एक बार में कॉलर बाघिन ने सबसे अधिक पांच शावकों को जन्म दिया था। 17 वर्षों तक पेंच पार्क में पर्यटकों की पसंद बनी रही कॉलर बाघिन की मौत 15 जनवरी 2021 को कुछ दिन की बीमारी के बाद हो गई थी। पेंच टाइगर रिजर्व पार्क में ही बाघिन का अंतिम संस्कार किया गया था।
मन की बात में पीएम मोदी ने किया था याद
पीएम नरेन्द्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में इस बाघिन को याद करते हुए श्रद्धांजलि दी थी। इसके अलावा सचिन तेंदुलकर, अमिताभ बच्चन ने भी ट्वीट कर कॉलर वाली की मौत पर शोक जताया था। पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट किया था कि एमपी को टाइगर स्टेट का दर्जा दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली प्रदेश की शान सुपर टाइग्रेस मॉम को श्रद्धांजलि।
पढ़ें ये इंट्रेस्टिंग फैक्ट
- आपको बता दें कि रेडियो कॉलर पहनने के कारण बाघिन का यह नाम रखा गया था(
- इसने अपने 16 वर्ष के जीवनकाल में आठ बार में 29 शावकों को जन्म दिया था।
- एक वाइल्डलाइफ डॉक्यूमेंट्री 'स्पाई इन द जंगल' में अभिनय करने के बाद वह इंडिया की सबसे फेमस बाघों में से एक बन गई।
- स्थिति यह थी कि पेंच टाइगर पार्क में आगंतुकों की संख्या में तेजी से बढ़ी और टूरिस्ट कॉलरवाली के करिश्माई जीवन और उसके शावकों के बारे में पूछते थे।
- कॉलरवाली की 16 वर्ष की वृद्धावस्था के कारण हुई जटिलताओं के कारण 15 जनवरी को मृत्यु हो गई थी।
Updated on:
16 Jan 2024 01:25 pm
Published on:
16 Jan 2024 01:16 pm

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