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तीन नाबलिगों ने मिलकर कर एक नाबालिग को उतारा मौत के घाट

- शव को ठिकाने लगाने के प्रयास में खुला राज- पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर बाल न्यायालय में किया पेश

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तीन नाबलिगों ने मिलकर कर एक नाबालिग को उतारा मौत के घाट

तीन नाबलिगों ने मिलकर कर एक नाबालिग को उतारा मौत के घाट

सिवनी/बरघाट. खेलने-कूदने की उम्र में तीन नाबालिगों के हाथ खून से सन गए। तीनों ने मिलकर एक नाबालिग की हत्या कर दी हैं। हत्या के बाद तीनों ने शव को ठिकाने लगाने बोरी में भरकर फेंक दिया। इसकी जानकारी होते ही क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

तीनों नाबालिगों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। दिल दहला देने वाली यह घटना रविवार की शाम को स्थानीय थाना क्षेत्र के ग्राम मगरकठा में सामने आई हैं।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार तीनों आरोपी मृतक की बहन को परेशान करते थे। मृतक ने इसका विरोध किया था। इससे खफा होकर तीनों आरोपियों ने नाबालिग को अपने घर बुलाया। पहले चेन से उसका गला दबाया। इसके बाद सिर पर पत्थर पटक कर मारा। मृतक दर्द से चिल्लाने लगा तो आरोपियों ने घर में रखे बकरे काटने के चाकू से उसके गले पर वार कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।


हत्या के बाद आरोपी ने शव को पन्नी से पैक किया और फिर बोरी में भरकर नाले में फेंकने जा रहे थे। उसी समय पड़ोस की एक महिला का उधर बार-बार आना-जाना हो रहा था। इससे डरकर तीनों बोरी को गिट्टी के ढेर पर छोड़कर भाग गए।

महिला ने बोरी से खून निकलते देखकर इसकी सूचना ग्रामीणों को दी। ग्रामीणों ने बोरी खोलकर देखा तो उसमें नाबालिग का शव था। घटना की सूचना पुलिस को दी गई। सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने तीनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया।

पुलिस ने सोमवार की सुबह शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया। घटना की जानकारी मिलने पर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ अस्पताल में जुट गई। हर कोई इस घटना के बाद हैरान दिखा।

आरोपियों में दो सगे भाई
पुलिस की माने तो आरोपियों में दो सगे भाई है, जिनकी उम्र क्रमश: १४ व १२ वर्ष है। दोनों पांचवीं व सातवीं में पढ़ाई करते थे। दोनों के पिता स्वास्थ्य विभाग में संविदा पर कार्यरत है। एक आरोपी १६ वर्ष का है, वह गैराज में काम करता था। उसके माता-पिता दोनों मजदूरी करते हैं। उसके घर पर ही घटना को अंजाम दिया गया है।

मृतक की उम्र १२ वर्ष बताई जा रही है। वह भी पांचवीं में पढ़ता था। उसके पिता टोल प्लाजा पर काम करते है। इनदिनों घर पर ही है। सभी एक ही गांव व समाज के है। ग्रामीणों की माने तो तीनों आरोपी एक साथ रहते थे। गांव में उनका एक साथ बैठना-उठना था। वे गांव में छोटी-मोटी बदमाशी करते थे। लेकिन हत्या जैसे अपराध को अंजाम दे देंगे। ऐसा किसी ने नहीं सोचा था।


कहां जा रहा है हमारा समाज
इस घटना के बाद से ग्राम में हर कोई बस एक ही सवाल कर रहा है कि आखिर हमारा समाज कहां जा रहा है। तीन नाबालिगों ने मिलकर जघन्य अपराध को अंजाम दे दिया। उनके मन में यह बात कैसे आई। बच्चों की यह उम्र खेलने-कूदने की है। इस उम्र में बच्चे हत्या करने लगे हैं। यह सोचने वाली बात है।


वर्जन -
पुलिस ने इस मामले में तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। उनके खिलाफ संबंधित धाराओ में मामला दर्ज करने के बाद बाल न्यायालय में पेश कर दिया गया है।
- प्रसन्न शर्मा, थाना प्रभारी बरघाट