
माहभर में जिला अस्पताल का खर्च करोड़ों, वार्ड में मरीज को बोतल चढ़ाने नहीं हैं स्टेण्ड
सिवनी. जिला अस्पताल के कायाकल्प पर करोड़ों रुपए खर्च हो चुके हैं। अस्पताल परिसर का कोना-कोना कायाकल्प की गवाही दे रहा हैं, लेकिन मरीजों को वार्डों में बोतल चढ़ाने स्टेण्ड नहीं मिल पा रहा है। यह दृश्य शनिवार की शाम 05.12 बजे मेल मेडिकल वार्ड में दिखा। वार्ड में एक मरीज नीचे लेटा हुआ था। उसको खिड़की के सहारे बोतल चढ़ाया जा रहा था।
जिला अस्पताल में कार्यरत चिकित्साधिकारियों और कर्मचारियों को वेतन और अन्य सुविधाओं पर करोड़ों रुपए खर्च हो रहे हैं। यदि कभी इनकी सुविधाओं में कोई अड़चन आई तो ये लोग काम बंद कर हड़ताल पर चले जाते हैं, लेकिन मरीजों के लिए बने जिला अस्पताल में जब मरीजों को सुविधाएं देने की बात आती है तो इनकी अनदेखी समझ में नहीं आती है। यह स्थिति तब हैं जब स्टोर में दर्जनों स्टेण्ड पड़े हुए हैं और वार्ड में मरीज को खिड़की के सहारे बोतल चढ़ाया जा रहा है। बीते वर्ष कायाकल्प में प्रदेश में टॉप पर आने के बाद श्रेय लेने वाले जिम्मेदारों की नजर भी वहां तक नहीं पहुंच पाई है। मध्यप्रदेश के अमीर रोगी कल्याण समितियों में सिवनी शामिल है, लेकिन यहां के जिला अस्पताल में मरीज को लेकर आने वाले तीमारदार स्ट्रेचर लेकर दौड़ लगाते हैं।
यह दृश्य जिला अस्पताल में प्राय: देखने को मिलते हैं। शनिवार को ग्राम तिघरा निवासी नेमी सिंह बघेल (८५) का पेट दर्द होने पर परिजन जिला अस्पताल के इमरजेंसी कक्ष में पहुंचे, सायं करीब 05.08 बजे वहां मौजूद महिला चिकित्साधिकारी ने उपचार के बाद मेल मेडिकल वार्ड में भर्ती करने को लिख दिया। जब परिजन वहां लेकर गए तो बेड नहीं था। इस पर परिजन नीचे गद्दा बिछाकर लेट गए। इसबीच वहां ड्यूटी पर मौजूद स्टॉफ नर्स ने अकेले होने की बात कहकर एक महिला कर्मचारी से पर्ची देकर चिकित्साधिकारी के पास भेजा और उससे सर्जिकल वार्ड में भर्ती करने का आदेश का लाई। इसके बाद स्ट्रेचर लेकर तीमारदार फिर सर्जिकल वार्ड गए। खास है कि स्ट्रेचर जिस जगह से उठाया जाता हैं, वहीं रखना भी पड़ता है।
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जिला अस्पताल में नहीं स्टेण्ड की कमी
जिला अस्पताल में स्टेण्ड की कोई कमी नहीं है। इसके लिए जो भी कर्मचारी दोषी होगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। स्ट्रेचर खींचने वाले कर्मचारियों को रोगी कल्याण समिति से रखने के लिए प्रयास किए जाएंगे। अभी मरीजों के परिजनों को इसकी वजह से परेशान होना पड़ रहा है।
- डॉ. पी. सूर्या, आरएमओ जिला अस्पताल सिवनी
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जिला चिकित्सालय का फाइनल असेसमेंट हुआ पूरा, तीन सदस्यीय दल ने किया निरीक्षण
सिवनी. कायाकल्प अभियान के तहत जिला चिकित्सालय का फाइनल असेसमेंट शनिवार को तीन सदस्यीय दल ने किया है। इसकी जानकारी सिविल सर्जन डॉ. वीके नावकर ने दी है। बताया कि दल में डॉ. संजय मिश्रा, डॉ. संजय जैन और डॉ. नीरज निगम शामिल रहे। दल ने सुबह 9.00 बजे जिला चिकित्सालय पहुंचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। चिकित्सालय की व्यवस्था और साफ-सफाई को देखा।
बताया कि प्रारंभिक मीटिंग में दल को कायाकल्प के संबंध में पीपीटी प्रेजेंटेशन के माध्यम से जानकारी दी गई। तीनों सदस्यों ने ग्रुप में विभक्त होकर जिला चिकित्सालय की छोटी-छोटी चीजों का निरीक्षण किया। फाइनल असेसमेंट के पूर्व वर्चुअल प्लेटफार्म के माध्यम से हुए असेसमेंट में भी जिला चिकित्सालय अग्रणी पंक्तियों में रहा। फिजिकल असेसमेंट में निरीक्षण दल ने जिला चिकित्सालय की अच्छाइयों की सराहना की है। कुछ खामियां में सुधार के निर्देश दिए हैं। जिला चिकित्सालय आधारभूत संरचना लगभग 40 वर्ष पुरानी है। उस समय फायर एक्सेप्ट का कल्चर नहीं था। वर्तमान में इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। चिकित्सालय में बायो मेडिकल वेस्ट के निष्पादन हेतु इंसरनेटर लगाया गया है। एजेंसी के माध्यम से बायोमेडिकल वेस्ट का निष्पादन किया जाता है। जिला चिकित्सालय के दोनों मुख्य द्वारों में काऊक्लेचर लगाए गए हैं। नगरपालिका द्वारा प्रयास किया जाता है कि अस्पताल में अवांछित पशु प्रवेश न करें। तीनों सदस्यों द्वारा कायाकल्प क्लोजिंग मीटिंग में सभी समूह के रिकॉर्ड संधारण का निरीक्षण किया गया।
Published on:
08 Feb 2021 07:26 pm
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