मातृशक्ति संगठन को गौलीटोला गांव से मिल रहे संदेश
सिवनी. अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पखवाड़े के अंतर्गत मातृशक्ति संगठन द्वारा अपनी उपशाखाओं के ग्राम का भ्रमण किया जा रहा है। जिसमें ग्राम बाड़ीवाडा में शराब बंदी को लेकर जीत हासिल कर चुकी टीम को प्रशस्ति पत्र देकर संगठन द्वारा सम्मानित किया गया। इसी क्षेत्र के ग्राम गौलीटोला के हर घर में बन रही शराब के प्रतिबंध को लेकर संगठन ने अपनी यूथ विंग समर्पण युवा संगठन के साथ कदम बढ़ाए। हालांकि यहां से गांव में ना घुसने के संदेश भी संगठन को मिल रहे थे। इसके बावजूद भी वहां जाकर जब गांव के हालात देखे तो महिलाओं को एकत्रित कर उनसे चर्चा की गई।
मातृशक्तियों ने बताया कि हालात ये हैं कि एक मजदूर भी काम पर जाने से पहले और आने के बाद शराब ही मांगता है। शराब की खाली बोतलें सड़कों के किनारे पड़ी हालात बयां कर रही है। पिछले एक दशक में महुआ से बनने वाली इस देशी शराब ने कइयों की जान ले ली है और घर-घर मे परेशानी का कारण बन गई है। इतना ही नहीं गांव का युवा भी सातवीं और आठवीं के बाद पढ़ाई बन्द कर इसी धंधे में लिप्त नजर आता है।
गांव की महिलाओं ने आपबीती सुनाते हुए कहा कि हम चाहते हैं कि इस गांव के लड़के भी डॉक्टर और इंजीनियर बनें पर ऐसा कैसे होगा? महिलाओं के मन की पीड़ा को सुनकर मातृशक्ति संगठन ने गांव के युवाओं को भी एकत्रित किया और यूथबिंग द्वारा उन युवाओं को समझाइश दी कि वो शराब के धंधे से दूर हों और अपनी पढ़ाई पुन: जारी करें। संगठन उनकी हर सम्भव मदद करेगा।
मातृशक्ति संगठन की सदस्य महिलाओं ने शनिवार को कलेक्टर प्रवीण सिंह से मुलाक़ात की एवं उस गांव के हालात सुनाए। जिससे कलेक्टर ने बात को गंभीरता से लेते हुए इस जानलेवा नशे के खिलाफ़ सख्त कार्यवाही करने के तुरन्त आदेश दिए हैं।