
सिवनी. पेंच टाइगर रिजर्व के छिंदवाड़ा क्षेत्र अंतर्गत गुमतरा कोर वन परिक्षेत्र में बीट छेडिय़ा अंतर्गत महादेव घाट के पास मिले युवक के शव मामले में यह स्पष्ट हो गया है कि उसका शिकार बाघ ने ही किया था। वन विभाग ने घटनास्थल के आसपास जांच पड़ताल की, जहां उन्हें हिंसक प्राणी के पैर के निशान मिले हैं। घटनास्थल पर मिले साक्ष्य बाघ की तरफ ही इशारा कर रहे हैं। हालांकि विभाग का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। तीन से चार दिन में रिपोर्ट आने की संभावना है। वहीं दूसरी तरफ 36 घंटे से अधिक समय तक जंगल में युवक के शव का पड़ा रहना भी विभाग की लापरवाही की तरफ इशारा कर रहा है। जानकारों का कहना है कि वन विभाग की पेट्रोलिंग कमजोर पड़ती जा रही है। अगर समय रहते विभाग के कर्मी युवक को जंगल में प्रवेश करते देख लेते तो शायद ऐसी स्थिति निर्मित नहीं होती। उल्लेखनीय है कि कुरई थाना क्षेत्र के टिकाड़ी माल ग्राम निवासी कमल उइके(43) का मंगलवार सुबह महादेव घाट के पास क्षत-विक्षत अवस्था में शव पाया गया था। परिजनों ने 5 जनवरी की शाम को जमतरा पहुंचकर पेंच टाइगर रिजर्व के स्टॉफ को कमल के 4 जनवरी की शाम से लापता होने की सूचना दी थी। मंगलवार को सुबह पुलिस एवं वन कर्मी जंगल में कमल की खोजबीन करने निकले तो उन्हें पेंच नदी के किनारे कमल का शव क्षत-विक्षत अवस्था में मिला।
अलॉर्म क्लॉक से भी नहीं मिल पा रही जानकारी
एक समय था जब वनकर्मी बंदर एवं चीतलों सहित अन्य पशु-पक्षियों की आवाज(अलॉर्म क्लॉक) से जंगल में हो रहे मूवमेंट को भांप लेते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं हो पा रहा है। पेंच टाइगर रिजर्व के अधिकारियों के अनुसार वन परिक्षेत्र गुमतरा क्रिटिकल टाइगर हैबिटेट अंतर्गत आता है। इस क्षेत्र में आम व्यक्तियों का प्रवेश पूर्णत: प्रतिबंधित है। जिस जगह घटना हुई वह कोर क्षेत्र में आता है। विभाग का कहना है कि बाघ ने जंगल से बाहर निकलकर इंसान पर हमला नहीं किया है। ऐसे में हम बाघ की खोजबीन नहीं कर रहे हैं।
Updated on:
08 Jan 2026 10:49 am
Published on:
08 Jan 2026 10:48 am
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