28 फ़रवरी 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

नशे के कारण परिवारों में विवाद, स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो रही उत्पन्न

संगोष्ठी में ग्रामीणों से संवाद करते हुए विकासखंड समन्वयक मोनिका चौरसिया ने कहा कि गांव के समग्र विकास के लिए सामूहिक सहभागिता और स्वैच्छिकता की भावना अत्यंत आवश्यक है।

less than 1 minute read
Google source verification

कंडीपार में संगोष्ठी का हुआ आयोजन, नशा के दुष्परिणामों से कराया अवगत

सिवनी. मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के विकासखंड सिवनी द्वारा गठित ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति कंडीपार के तत्वावधान में नशा मुक्ति अभियान के अंतर्गत एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास कार्यक्रम के तहत समाज कार्य में स्नातक एवं स्नातकोत्तर में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं एवं ग्रामीणों के संयुक्त प्रयास से ‘आओ बनाए अपना स्वर्णिम मध्यप्रदेश’ अभियान के अंतर्गत संपन्न हुआ। संगोष्ठी में ग्रामीणों से संवाद करते हुए विकासखंड समन्वयक मोनिका चौरसिया ने कहा कि गांव के समग्र विकास के लिए सामूहिक सहभागिता और स्वैच्छिकता की भावना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण एवं संवर्धनए, जैविक खेती, स्वच्छता अभियान के साथ-साथ नशा मुक्ति अभियान को भी जन आंदोलन बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि आज समाज में शराब, गांजा, बीड़ी एवं विभिन्न प्रकार के निकोटिन उत्पादों का उपयोग लगातार बढ़ रहा है, जो विशेष रूप से युवाओं के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। नशे के कारण परिवारों में विवाद, स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं और सामाजिक विघटन जैसी परिस्थितियां उत्पन्न होती हैं। ग्रामीणों से आव्हान किया गया कि वे ऐसे लोगों की पहचान कर उन्हें जागरूक करें एवं नशे के दुष्परिणामों की जानकारी दें। परामर्शदाता कविता बेले ने अपने संबोधन में कहा कि नशा नाश का द्वार है और इसे बंद करने के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को मिलकर प्रयास करना होगा। चौपाल के पश्चात उपस्थित सभी ग्रामीणों को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम में सामाजिक कार्यकर्ता, आगनबाड़ी कार्यकर्ता, छात्र-छात्राओं, इंटर्न सहित ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति के पदाधिकारी एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।