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डूडासिवनी भण्डार केन्द्र पर रात में रूकने के बाद मिल रही यूरिया

- कंबल व बिस्तर लेकर पहुंच रहे किसान, लाइन लगाकर सोते हैं रात में- चार दिन से चक्कर काट रही महिलाएं, लौट रही खाली हाथ- पुरुष व महिलाओं की लाइन पास-पास, धक्का-मुक्की से परेशान महिलाएं- मौके पर पहुंचे कृषि विभाग के उप संचालक बने रहे मूकदर्शक

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अखिलेश ठाकुर सिवनी. जिले में किसानों के हॉल ठीक नहीं है। मध्यप्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ मर्या. भण्डार केन्द्र डूडासिवनी पर खाद के लिए परेशान किसानों को देखकर यह बात कही जा रही है। यहां किसानों को अव्यवस्था के बीच खाद का वितरण किया जा रहा है। पूरी रात लाइन लगाकर किसान यहां सो रहे हैं। तब दूसरे दिन उनको खाद मिल रहा है। पुरुष व महिलाओं की लाइन पास-पास लगाने से धक्का-मुक्की की स्थिति निर्मित हो रही है। चार दिन से खाद के लिए पहुंच रही महिलाओं का कहना है कि उनको खाली हाथ वापस लौटना पड़ रहा है। भंडार केन्द्र पर एक काउंटर होने से किसान अत्यधिक परेशान है।


बीते दिनों कलेक्टर क्षितिज सिंघल ने फरमान जारी किया कि जिले में खाद की पर्याप्त उपलब्धता है। किसान परेशानी से बचने के लिए खाद लेकर सुरक्षित कर लें। उनके निर्देश के बाद किसान जब गोदामों पर खाद लेने पहुंचे तो वहां अव्यवस्था का आलम नजर आया।

खास है कि ‘पत्रिकाÓ टीम के पहुंचने की जानकारी के बाद मौके पर किसान कल्याण एवं कृषि विभाग के उप संचालक मोरिसनाथ पहुंचे। किसानों ने उनसे मौके पर शिकायत किया। काउंटर बढ़ाने की बात कही। उन्होंने इस संबंध में गोदाम प्रबंधक से बात किया, लेकिन बात नहीं बनी है। इसके बाद वे भी एक तरफ खड़े होकर मूकदर्शक बन किसानों की परेशानी हो देखते नजर आए।

किसान – एक
मेरे पास 25 एकड़ खेत है। सोमवार को रात आठ बजे आया था। उस समय 100 किसान थे। रात में मच्छर काटा। पानी की भी यहां व्यवस्था नहीं है। सुबह में 11.30 बजे 30 बोरी खाद मिला है।
– मनोज कुमार, ग्राम पिपरिया।

किसान – दो
मेरे पास दो एकड़ खेत है। रात से आया हूं। दोपहर १२.५० बजे तक लाइन में खड़ा हूं। अभी मेरा नंबर आया है। मुझे १० बोरी खाद की जरूरत है। यहां पर बहुत अव्यवस्था है।
– विजय साहू, ग्राम कमकासुर।

किसान – तीन
मेरे पास पांच एकड़ खेत है। रात में ही गोदाम पर आ गया। उस समय बहुत किसान यहां सोए थे। मैं भी यहीं पर सो गया। रात में परेशानी हुई। सुबह में 12.50 बजे तक लाइन में लगा हूं। मुझे 12 बोरी खाद की जरूरत है।
– लक्ष्मी प्रसाद जंघेला, किसान ग्राम कमकासुर।

किसान – चार
मेरे पास पांच एकड़ खेत है। रात में ही गोदाम पहुंच गया। यहीं पर सोया। दोपहर 12.55 बजे तक लाइन में खड़ा हूं। अभी तक मेरा नंबर नहीं आया है। मुझे 12 बोरी खाद की जरूरत है।
– हरि प्रसाद जंघेला, ग्राम कमाकासुर।

गोदाम पर देर शाम 8.20 बजे लाइन लगाने पहुंच गए किसान
सिवनी. डूडासिवनी गोदाम पर मंगलवार की रात पुरुष व महिला किसान बिस्तर लेकर पहुंचे। वे रात में वहीं सोए। ‘पत्रिकाÓ टीम 8.20 बजे पहुंची। मौके पर बंदा बिहरिया सहित आधा दर्जन ग्राम के किसान मिले। किसान राजकुमारी, सुदामा, आरती, रामदेवी, द्वारका प्रसाद बघेल, राकेश, आशीष चंद्रवंशी, गोविंद चंद्रवंशी, गोलू चंद्रवंशी, नीलेश, रघुराज बघेल, रंगलाल आदि ने बताया कि वे खाद के लिए आई है। सुबह में खाद लेकर जाएंगी। खाद नहीं मिलने की वजह से उनको रात में लाइन लगाकर सोना पड़ रहा है। बताया कि गोदाम पर शौचालय व पानी की व्यवस्था नहीं है। इससे सबसे अधिक परेशानी महिला किसानों को हो रही है।

पीड़ा बयां करते-करते रोने लगी महिलाएं
डूडासिवनी गोदाम पर खाद लेने पहुंची महिला किसानों ने बताया कि वे चार दिन खाद के लिए सुबह में आती है और शाम को खाली हाथ लौट जाती है। बताया कि हमलोगों को खाद नहीं मिल पा रही है। अपनी पीड़ा बताते-बताते महिला किसान रोने लगी।

डूडासिवनी में कृषि विभाग के तीन कर्मचारी तैनात, 270 में बिक रही एक बोरी यूरिया
सिवनी. डूडासिवनी में किसानों से एक बोरी खाद का 270 रुपए लिए जा रहे थे। यह स्थिति तब रही, जब वहां पर व्यवस्था देखने के लिए कृषि विभाग के तीन कर्मचारी तैनात थे। कृषि विभाग के उप संचालक निरीक्षण करने गए थे। इस संबंध में ‘पत्रिकाÓ के सवाल करने पर उप संचालक ने प्रबंधक से पूछा तो उसने बताया कि हम्माली का पैसा अधिक ले रहे हैं। इस पर वहां उपस्थित किसानों ने बताया कि हम्माल गोदाम से बाहर खाद निकालकर उसे वाहन में लोड करने के लिए अलग से पांच रुपए हम्माली ले रहे हैं।

खास है कि ‘पत्रिकाÓ टीम ने दोपहर 2.30 बजे सिमरिया कृषि मंडी के गोदाम का हॉल देखा। वहां पर गोदाम प्रबंधक किसानों ने प्रति बोरी यूरिया का 266.50 रुपए ले रहे थे। इसके अतिरिक्त पांच रुपए किसानों से हम्माली का लिया जा रहा था। यहां पर हम्माल गोदाम से खाद की बोरी सीधे किसान के वाहन पर लोड कर रहे थे। इसके अतिरिक्त किसानों को एक भी रुपए नहीं देने पड़ रहे थे। खास है कि उक्त गोदाम पर कृषि विभाग का कोई कर्मचारी तैनात नहीं था।


किसानों ने बताया कि दोनों जगह एक-एक काउंटर होने से परेशानी हो रही है। डूडासिवनी शहर के पास है। ऐसे में यहां ज्यादा किसान है। यहां पर किसानों के लिए अलग-अलग तीन काउंटर बनाए जाने के निर्देश जिला प्रशासन ने दिए हैं। इसके बाद भी यहां केवल एक काउंटर है। इसकी वजह से किसान यहां ज्यादा परेशान है।

मोटा-पतला यूरिया को लेकर किसान परेशान
सिवनी. किसानों ने बताया कि हमलोगों को पतले दाने की यूरिया की जरुरत है, लेकिन मोटा दाने का यूरिया दिया जा रहा है। इस संबंध में प्रबंधक ने बताया कि जो आ रहा उसे दे रहे हैं। सभी किसानों को दोनों दाने की यूरिया दी जा रही है। कोई किसान 20 बोरी लेता है तो उसे 15 बोरी मोटे दाने की यूरिया व पांच बोरी पतले दाने की यूरिया दी जाती है।

किसान न हो परेशान
किसान परेशान न हो। जिले में पर्याप्त यूरिया का भण्डारण है। अधिक पैसे लेने के संबंध में प्रबंधक से पूछा गया है। उसने बताया कि हम्माली का पैसा ले रहा है। हम्माली के लिए अलग से पैसा नहीं मिलता है।
– मोरिसनाथ, उप संचालक किसान कल्याण एवं कृषि विभाग सिवनी