
अभद्र व्यवहार व गुणवत्तायुक्त भोजन नहीं देने पर दो समूह का अनुबंध समाप्त
सिवनी. लोकसभा निर्वाचन 2019 के मतदान केन्द्र क्रमांक-18 सिल्पनी, लखनादौन में मतदान दिवस सोमवार को लक्ष्मी स्वसहायता समूह सिल्पनी के संचालक छिदामीलाल युवने ने मतदान दल से जिला निर्वाचन अधिकारी प्रवीण सिंह के आदेशानुसार नियत भोजन व्यवस्था की राशि से अधिक राशि की मांग किया। शराब के नशे में मतदान दल के कर्मचारियों से अभद्र व्यवहार किया। इसकी शिकायत की सत्यता पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत ने लक्ष्मी स्वसहायता समूह सिल्पनी लखनादौन को आवंटित शाला एक शासकीय प्राथमिक शाला सिल्पनी, शासकीय माध्यमिक शाला सिल्पनी, कन्या आश्रम शाला सिल्पनी, शासकीय प्राथमिक शाला धुविया के मध्यान्ह भोजन संचालन कार्य से पृथक करते हुए अनुबंध समाप्त कर दिया है।
इसी तरह मतदान केन्द्र क्रमांक 204 एवं 205 प्राथमिक शाला विवेकानंद गंज वार्ड के औचक निरीक्षण में जय अम्बे स्वसहायता समूह सिवनी द्वारा मतदान दल एवं सुरक्षा दल से भोजन की राशि प्राप्त करने के उपरांत पर्याप्त एवं गुणवत्तायुक्त भोजन समय पर उपलब्ध नहीं कराए जाने पर जय अम्बे स्वसहायता समूह सिवनी को आवंटित शाला, शासकीस प्राथमिक शाला विवेकानंद वार्ड सिवनी, शासकीय प्राथमिक शाला कबीर वार्ड सिवनी, शासकीय माध्यमिक शाला कबीर वार्ड सिवनी, 4 शासकीय प्राथमिक शाला मठ वार्ड सिवनी, शासकीय माध्यण्शाला मठ वार्ड सिवनी के मध्यान्ह भोजन संचालन कार्य से पृथक करते हुए अनुबंध समाप्त कर दिया गया है।
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रिश्वत लेना पकड़ा महंगा, पटवारी को हुई सजा
- फैसले के बाद भेजा गया जेल
सिवनी. जिला अदालत ने मंगलवार को एक रिश्वतखोर पटवारी को दोषी पाते हुए सजा सुनाई है। इसकी जानकारी मीडिया सेल प्रभारी मनोज सैयाम ने दी है।
बताया कि संतराम परते पिता विश्राम परते ग्राम सागर (ढुलबजा) तहसील छपारा को उसके ससुर ने कुछ जमीन दान में दी थी। उस जमीन पर उसे इंदिरा आवास योजना के तहत मकान बनाने के लिए 75 हजार रुपए सेक्शन हुआ था। उक्त योजना के तहत उस जमीन का नक्शा खसरा की आवश्यकता पड़ रही थी। उस क्षेत्र का हल्का नंबर 24/32 का तत्कालीन पटवारी दिनेश पिता भादूलाल वाड़ीवा निवासी कुम्हारी मोहल्ला मंगलीपेठ सिवनी नक्शा खसरा नहीं दे रहा था। खसरा देने के लिए उसे दो हजार रुपए रिश्वत की मांग किया था। इसकी शिकायत संतराम ने लोकायुक्त पुलिस जबलपुर से किया था। इस पर एक जून 2015 को पटवारी दिनेश वाड़ीवा द्वारा संतराम से एक हजार रुपए लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया था। पटवारी के खिलाफ सभी कार्रवाई पूरी कर चालान प्रस्तुत किया गया था। इसकी सुनवाई राजऋषि श्रीवास्तव (विशेष न्यायाधीश भष्ट्राचार अधिनियम) के न्यायालय में विचारण किया गया। शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक दीपा मर्सकोले, जिला अभियोजन अधिकारी द्वारा साक्ष्य और तर्क प्रस्तुत किए गए। इस पर न्यायालय ने आरोपी पटवारी को दोषी पाते हुए धारा-07 में तीन वर्ष एवं पांच हजार रुपए जुर्माना तथा धारा-13 (1) डी. भष्ट्राचार अधिनयम में चार वर्ष एवं 5000 रुपए जुर्माना से दण्डित करने की सजा 30 अप्रैल को सुनाई है।
Published on:
30 Apr 2019 08:29 pm
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