सिवनी. माझी मछुआरा समाज जनजाति में शामिल कर अधिकार दिए जाने की मांग करते एक बार फिर आंदोलन की राह पर है। रविवार को मप्र माझी जनजाति संघर्ष समिति के बैनर तले मछुआरा समुदाय के लोगों ने निषाद राज चौक में बैठक के बाद मठ मंदिर सिवनी से वाहन रैली निकाली। अम्बेडकर चौक पर पहुंचकर अपनी मांगों के लिए प्रदर्शन किया।
मछुआरा समुदाय के लोगों ने मांझी आदिवासी आरक्षण की मांग को लेकर जिला भाजपा कार्यालय पहुंचकर सिवनी-बालाघाट सांसद डॉ. ढाल सिंह बिसेन, सिवनी विधायक दिनेश राय एवं भाजपा जिला अध्यक्ष आलोक दुबे व केवलारी विधायक राकेश पाल को मांग पत्र सौंपा। माझी जनजाति संघर्ष संयुक्त समिति के जिला अध्यक्ष गंगाचरण कश्यप, जिला संयोजक डीएल गौर, संभागीय उपाध्यक्ष अरुण कश्यप, माझी ढीमर कश्यप समाज जिला अध्यक्ष जमना प्रसाद कश्यप, युवा प्रकोष्ठ अध्यक्ष मंगलेश कश्यप एवं मांझी समुदाय के ढीमर, केवट, कहार, बर्मन, बरमैया, मल्लाह, निषाद, रैकवार, बनबारी आदि उपस्थित रहे।
मांग के मुख्य चार बिंदुओं का किया उल्लेख
पत्र के माध्यम से मांग किया कि मप्र राज्य पिछड़ा वर्ग अनुसूची में अंकित भोई, ढीमर, कहार, केवट, मल्लाह, नावड़ा, तुरहा (कश्यप, निषाद, रायकवार, बाथम), बृतिया, वृतिया, सिंगरहा, जालारी, सोंधिया आदि जाति समूह को विलोपित किया जाए। दूसरी मांग बताया कि 11 नवम्बर 2005 तक इस समुदाय को जनजाति माना गया है, उसके बाद की बाध्यता को समाप्त कर संसोधन आदेश जारी करने की मांग की है। तीसरी मांग है कि पेसा एक्ट से वंशानुगत मछुआरा समुदाय के मत्स्य व्यवसाय पर ग्रामीण स्तर पर हित प्रभावित हुआ है। ऐसी प्राथमिकता निर्धारित की जाए ताकि पेसा एक्ट से मत्स्य कार्य प्रभावित न हो। इन मांगों पर शासन-प्रशासन से उचित समाधान की उम्मीद की है।