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मंच पर भाषण देने वाले थे अध्यक्ष जी, राज्यपाल के आदेश पर छिन गई कुर्सी

MP News: मध्यप्रदेश के सिवनी में नगर पालिका अध्यक्ष शफीक खान को उनके पद से तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है।

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MP News: मध्यप्रदेश के सिवनी जिले से बड़ी खबर सामने आई है। जहां नगर पालिका में हुई लाखों रुपए की अनियमितताओं की जांच के बाद नगर पालिका अध्यक्ष शफीक खान को उनके पद से तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। राज्यपाल के आदेश पर शासन ने यह कार्रवाई मध्यप्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा 4-क के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए की है।

इसके संबंध में शुक्रवार को आदेश जारी कर दिए गए हैं। जिसके बाद नगर पालिका सहित पूरे राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई। यह आदेश देर शाम सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। उस समय कांग्रेस नेता शफीक खान नगर गौरव दिवस के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए शुक्रवारी चौक पर उपस्थित थे। आदेश की जानकारी मिलते ही वे कार्यक्रम से बीच में ही उठकर चले गए।

40 पन्नों की रिपोर्ट में उल्लेख


राज्य शासन के द्वारा जारी किए आदेश में 40 पन्नों की रिपोर्ट है। जिसमें शफीक खान के ऊपर लगाए आरोप, उनके द्वारा दिए गए जवाब और जांच समिति की विस्तृत विवेचना शामिल है। चार सदस्यीय समिति द्वारा की गई जांच में नगर पालिका सिवनी में गंभीर वित्तीय अनियमितताएं उजागर हुईं। रिपोर्ट में सामने आया है कि इन अनियमितताओं के लिए न केवल अध्यक्ष बल्कि संबंधित अधिकारी और कर्मचारी भी समान रूप से जिम्मेदार पाए गए हैं।

सरकारी पैसे की होगी वसूली


आदेश में साफ किया गया है कि निकाय को हुए आर्थिक नुकसान की वसूली के लिए शफीक खान से संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों भी सामान रूप से जिम्मेदार होंगे।

दरअसल, सितंबर 2024 में नगर पालिका सिवनी में हाईमास्ट लाइट खरीदी, फिनाइल व फेनोलिक खरीदी, डीजल-पेट्रोल आपूर्ति, अस्थाई दखल वसूली ठेका समेत कई मामलों की जांच कराई गई थी। जांच में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं, जिसके आधार पर अध्यक्ष को उत्तरदायी ठहराते हुए उनसे जवाब मांगा गया। शफीक खान ने भोपाल जाकर अपना पक्ष भी प्रस्तुत किया, लेकिन लंबे समय तक मामला लंबित रहने के बाद अब शासन ने कार्रवाई करते हुए पद से हटाने का आदेश जारी कर दिया है।

शफीक खान ने बताया कि मुझे इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है। मैंने भोपाल जाकर सबूतों के साथ अपना पक्ष रखा था। इसके बावजूद यदि मुझे पद से हटाया गया है, तो मैं न्यायालय की शरण लूंगा।