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केवलारी परिषद के खिलाफ पार्षदों का हल्ला, जनता के साथ उतरे सड़क पर

- भ्रष्टाचार व मनमानी का आरोप, नगर परिषद केवलारी का घेराव - नौ पार्षदों ने ज्ञापन सौंपकर की जांच की मांग

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केवलारी परिषद के खिलाफ पार्षदों का हल्ला, जनता के साथ उतरे सड़क पर

केवलारी परिषद के खिलाफ पार्षदों का हल्ला, जनता के साथ उतरे सड़क पर

केवलारी. नगर परिषद केवलारी के प्रथम चुनाव में भाजपा को सत्ता हासिल हुई, लेकिन एक वर्ष बाद ही उनके खिलाफ माहौल बन गया। भाजपा पार्षद सहित नौ पार्षदों ने नगर परिषद अध्यक्ष पति देवी सिंह बघेल के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। सैकड़ों लोगों के साथ वे शुक्रवार को नगर परिषद का घेराव कर प्रदर्शन किए।

आरोप लगाया कि निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार और मनमानी की जा रही है। निर्वाचित पार्षदों की नहीं सुनी जा रही है। इसके पूर्व नगर में रैली निकालकर पार्षदों ने अपनी ताकत दिखाई। रैली की शुरुआत अवंती बाई चौक पर रानी की प्रतिमा का पूजा-अर्चना करने के साथ हुई। इसमें परिषद के 15 निर्वाचित पार्षदों में नौ के साथ ही सैकड़ों लोग शामिल हुए।

उनका कहना था कि नगर परिषद का विकास सिर्फ कागजों में हुआ है। अध्यक्ष सुनीता सिंह बघेल के पति देवी सिंह बघेल से परिषद के कर्मचारियों व अधिकारियों पर अनावश्यक दबाव बनाते हैं। पार्षदों के वार्डों में काम नहीं करवाने के निर्देश अधिकारियों को दिए जाते हैं। पार्षद ने बैठक में लिखित आवेदन प्रस्तुत कर लेखा-जोखा प्रस्तुत करने की बात कही, लेकिन नहीं किया।

पार्षदों ने आरोप लगाया कि 30 से 40 प्रतिशत कमीशन की मांग की जाती है, जिससे कई ठेकेदारों ने काम अधूरा छोड़ दिया तो कई काम लेने के बाद नहीं कर रहे हैं। नगर की जनता परेशान है। परिषद के गठन के 14 माह बाद भी केवलारी में एक भी सुलभ काम्प्लेक्स का निर्माण नहीं हुआ। कई व्यापारियों और ठेकेदारों के काम किए जाने के बाद भी भुगतान लंबित है।

नगर परिषद में आवारा मवेशी विचरण करते हैं। मुख्य मार्ग पर जाम की स्थिति बनी रहती है। पार्षदों ने मांग किया है कि नगर परिषद के जैम पोर्टल से की गई खरीदी की समस्त सामग्रियों के भुगतान का सत्यापन व पुन: मूल्यांकन कराया जाए।

नगर परिषद कार्यालय पर लटका मिला ताला

पार्षदों व जनता की रैली जब नगर परिषद पहुंची तो एक भी जिम्मेदार अधिकारी वहां उपस्थित नहीं मिला।

कार्यालय पर ताला लटक रहा था। जनता वहीं बैठकर प्रदर्शन शुरू कर दी। इसकी जानकारी के बाद नायब तहसीलदार मौके पर पहुंचे और समझाइश दी। कहा कि 15 दिवस के अंदर पूरे मामले पर सुनवाई होगी।

उच्चाधिकारियों तक आप लोगों की बात पहुंचाई जाएगी और नियमानुसार कार्रवाई होगी।

पार्षदों में वार्ड क्रमांक तीन मिथिलेश नीरू सिंह टेकाम, वार्ड क्रमांक चार देवकी सेवकराम साहू, वार्ड क्रमांक पांच राममिलन धुर्वे, वार्ड क्रमांक सात रामदुलारी राजेश उईके, वार्ड क्रमांक आठ स्वराज सिंह बघेल, वार्ड क्रमांक 11 अनसुइया सुरेंद्र साहू, वार्ड क्रमांक 12 नीरज रानू ठाकुर, वार्ड क्रमांक 15 सरस्वती शिववेदी, वार्ड क्रमांक 13 साधना दारा सिंह आदि उपस्थित रहे।