21 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

चार साल से एसडीएम के आदेश की अवहेलना

स्कूल की जर्जर बिल्डिंग को तोडऩे का फरमान, पंचायतों ने नहीं की कार्रवाई

2 min read
Google source verification
Overdue SDM order

सिवनी. जनपद पंचायत छपारा के अंतर्गत 17 ग्राम पंचायतों में एसडीएम के आदेशों की चार वर्षों से अवहेलना हो रही है। इन ग्राम पंचायतों में स्कूलों की जर्जर बिल्डिंग गिराने का निर्देश दिए जाने के बाद भी इनको अब तक तोड़ा नहीं गया है। ग्राम के बच्चे खेलते हुए उन बिल्डिंगों में देखे जाते हैं, जिससे किसी भी समय बड़ा हादसा होने की संभावना बनी रहती है।
बताया जाता है कि जनपद शिक्षा केंद्र छपारा द्वारा जर्जर स्कूल भवनों को तोडऩे के लिए पीडब्लूडी विभाग से बिल्डिंगों का सर्वे कराकर एसडीएम कार्यालय के जर्जर भवनों को तोड़े जाने के आदेश दिए गए हैं। जनपद शिक्षा केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार २२ मई २०१४ से २५ अगस्त 2015 को तत्कालीन लखनादौन एसडीएम ने छपारा जनपद शिक्षा केंद्र के अंतर्गत आने वाले शासकीय प्राथमिक स्कूलों के जर्जर भवनों को तोड़ेने के आदेश दे दिए। एसडीएम के इस आदेश को ग्राम पंचायतों ने अमल में नहीं लाया है। ग्राम पंचायतों ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है।

इन पंचायतों को दिया आदेश
प्राथमिक शाला देवरीमाल ग्राम पंचायत प्रतापगढ़ प्राथमिक शाला घोघरी ग्राम पंचायत तिनशा प्राथमिक शाला मड़वा ग्राम पंचायत मालवा ग्राम पंचायत पौड़ी छिंदवाह प्राथमिक शाला ग्राम पंचायत बिलकटा प्राथमिक शाला खापा प्राथमिक शाला बिलकटा ग्राम पंचायत छपारा प्राथमिक शाला अभ्यास शाला। ग्राम पंचायत सागर प्राथमिक शाला बाकोड़ा सिवनी ग्राम पंचायत दरबारी प्राथमिक शाला ग्राम पंचायत रामगढ़ ग्राम पंचायत सागर मोहली ग्राम पंचायत भटमतारा ग्राम पंचायत माहुलपानी ग्राम पंचायत तेंदनी ग्राम पंचायत डांगावानी ग्राम पंचायत चमारी खुर्द हैं।
जनपद शिक्षा केंद्र छपारा ने सभी ग्राम पंचायतों को आदेश का पालन करने नोटिस जारी किया है। इसके बावजूद ग्राम पंचायतों ने इन जर्जर भवनों को तोडऩे की कार्रवाई नहीं की। कर्ई जर्जर भवन स्कूल और आंगनवाड़ी लगाया जा रहा है। आंगनबाड़ी और स्कूलों में जाने वाले बच्चे इन जर्जर भवनों में खेलते हुए देखे जा सकते हैं। जर्जर भवन बच्चों के ऊपर गिरने की संभावना बनी हुई है, जिसको लेकर जनपद शिक्षा केंद्र में बार-बार इन्हें तोड़े जाने के लिए संबंधित पंचायतों से लगातार पत्राचार किया जा रहा है। ग्राम पंचायतों की लापरवाही से जर्जर भवनों से कहीं खेलते-खेलते बच्चे हादसे का शिकार ना हो जाएं। इस बात को लेकर ग्राम पंचायतें जरा गंभीर नजर नहीं आ रहा है। उधर जनपद पंचायत सीइओ ने एसडीएम कार्यालय के आदेश का हवाला देकर पंचायतों को उक्त भवन तोडऩे के लिए निर्देश जारी करने की बात कही है।
जनपद पंचायत शिक्षा केन्द्र के बीआरसी सुनील राय ने बताया कि सचिवों के रूचि नहीं लेने से यह स्थिति बनी है। इस संबंध में कई बार ग्राम पंचायतों से पत्राचार किया गया है।

जनपद पंचायत से करेंगे बात
डीपीसी के माध्यम से हमको बताया गया था कि जिन भवनों को तोडऩे के लिए आदेश दिए गए हैं। उन पर पंचायत के द्वारा कार्रवाई नहीं की गई है। हम जनपद पंचायत से तत्काल कार्रवाई के लिए बात करेंगे।
- अंकुर मेश्राम, एसडीएम लखनादौन